स्वास्थ्य · शिक्षा · राजव्यवस्था एवं शासन · संपादकीय विश्लेषण
GS 2: सांविधिक निकाय; स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से जुड़े विषय।
7 अक्टूबर की व्याख्यात्मक विज्ञप्ति NCAHP अधिनियम, 2021 के अंतर्गत शिक्षा, आकलन और पंजीकरण की पूरक व्यवस्थाएँ बताती है। पहले की अधिसूचनाएँ इस विज्ञप्ति से अलग हैं और सेतु पाठ्यक्रम की व्यवस्था अभी विकसित की जा रही है। [1][2]
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राजव्यवस्था एवं शासन · समाज एवं सामाजिक न्याय · अर्थव्यवस्था · संपादकीय विश्लेषण
GS 2: संवैधानिक निकाय; कमजोर वर्गों की सुरक्षा और बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधियाँ, संस्थाएँ और निकाय। GS 3: समावेशी विकास और उससे उत्पन्न विषय।
5 अक्टूबर के DFS निर्देशों में बैंकिंग समितियों की समीक्षा में लाभार्थियों की संख्या और प्रतिशत शामिल करना तथा NCSC से नियमित जानकारी साझा करना आवश्यक है। 7 अक्टूबर की विज्ञप्ति इसका घटनाक्रम बताती है; 9 अक्टूबर की कार्रवाई रिपोर्ट की समय-सीमा अभी आगे थी। [1]
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पर्यावरण · अर्थव्यवस्था · संपादकीय विश्लेषण
GS 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण; भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाने, वृद्धि और विकास से संबंधित विषय।
MoSPI की 2026–2030 रणनीति व्यापक लेखा कवरेज, आँकड़ों की कमी और क्रियान्वयन पड़ावों के माध्यम से पहले की रूपरेखा आगे बढ़ाती है। यह विकसित होता मार्गदर्शन है, नई GDP शृंखला या सिद्ध संरक्षण परिणामों की घोषणा नहीं। [1][2]
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नई पहल · स्वास्थ्य · पर्यावरण · राजव्यवस्था एवं शासन · संपादकीय विश्लेषण
GS 2: विकास के लिए सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप; स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन के विषय। GS 3: संरक्षण; अवसंरचना।
बेंगलुरु समीक्षा ने स्रोत स्थिरता, रखरखाव, स्वतंत्र निगरानी और सामुदायिक जवाबदेही पर बल दिया। DDWS ने कनेक्शन विस्तार बताया, लेकिन चर्चा का केंद्र बुनियादी ढाँचे से नियमित और निर्धारित गुणवत्ता का जल सुनिश्चित करना था। सौरकरण अभी विचाराधीन था। [1][2]
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आंतरिक सुरक्षा · विज्ञान और तकनीक · अर्थव्यवस्था · संपादकीय विश्लेषण
GS 3: प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास; विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ।
स्वीकृत संशोधन निर्दिष्ट MoD विकास परियोजनाओं का परीक्षण शुल्क हटाता है और सरकारी प्रायोजित तथा स्वदेशी उद्योग की अपनी विकास परियोजनाओं के लिए प्रूफ रेंज समय आरक्षित करता है। यह पहले से उपलब्ध पहुँच में बदलाव है; आरक्षित समय और शुल्क छूट की पात्रता समान नहीं हैं। [1][2]
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अंतरराष्ट्रीय संबंध · अर्थव्यवस्था · संपादकीय विश्लेषण
GS 2: भारत से संबंधित और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक समूह और समझौते। GS 3: भारतीय अर्थव्यवस्था; अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण के प्रभाव।
सम्मेलन ने 1 अक्टूबर 2025 से लागू TEPA के पहले वर्ष की समीक्षा की। शुल्क प्रतिबद्धताओं, गैर-शुल्क उपायों और कारोबारी पूर्वानुमेयता के साथ दीर्घकालीन निवेश तथा रोजगार लक्ष्यों पर चर्चा हुई; परियोजना घोषणा वास्तविक निवेश के समान नहीं है। [1][2]
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पर्यावरण · अंतरराष्ट्रीय संबंध · संपादकीय विश्लेषण
GS 2: महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, एजेंसियाँ और मंच; भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक समझौते। GS 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण।
भारत के पर्यावरण मंत्री ने ज्ञान, नैतिकता और संसाधन संबंधी अंतर दूर करने तथा क्रियान्वयन और प्राप्तकर्ताओं तक सहायता पहुँचने से प्रगति जाँचने का आग्रह किया। यह तैयारी-स्तरीय नीतिगत हस्तक्षेप था, स्वीकृत COP31 निर्णय नहीं; सम्मेलन समय-सीमा तक आगे था। [1][2]
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