अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।
पराली के विकल्पों को कारगर बनाना
घटना / स्रोत की तारीख: 10 Oct 2026
GS 2: सांविधिक और नियामक संस्थाएं; सरकारी हस्तक्षेप और क्रियान्वयन; शासन में जवाबदेही। GS 3: प्रमुख फसलें और फसल प्रतिरूप; कृषि परिवहन और विपणन की बाधाएं; संसाधन जुटाना।[4]
10 अक्टूबर 2026 की CAQM विज्ञप्ति पंजाब के संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनों, किसान सहायता और पराली आपूर्ति शृंखलाओं की समीक्षा करती है। तैयारी और बताई गई खरीद को पराली जलाने की प्रमाणित रोकथाम से अलग समझना चाहिए।[1]
पहले विषय को समझें
अवशेष प्रबंधन की जरूरत
मौजूदा विज्ञप्ति धान की पराली जलाने को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सर्दियों के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताती है। यह किसान सहायता और समन्वित अवशेष प्रबंधन को पराली जलाने की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण मानती है।[1]
खेत में और खेत से बाहर प्रबंधन
खेत में प्रबंधन में अवशेष को उसी खेत में संभाला जाता है; ऐतिहासिक ढांचे में मशीनों और जैव-अपघटक के उपयोग का उल्लेख है। खेत से बाहर प्रबंधन में इकट्ठी पराली को ईंधन या कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।[2]
संस्थागत पृष्ठभूमि
मंत्रालय की ऐतिहासिक 2021 समीक्षा बताती है कि CAQM का गठन संसद के अधिनियम से हुआ। इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बेहतर समन्वय, अनुसंधान और वायु गुणवत्ता समस्याओं का समाधान शामिल करता है।[3]
ढांचे का समयक्रम
ऐतिहासिक 2024 विवरण रोकथाम ढांचे को 10 जून 2021 के CAQM निर्देश से जोड़ता है। यह 2024 की कटाई अवधि के लिए संशोधित योजनाएं बताता है, वर्तमान मौसम के परिणामों के आंकड़े नहीं।[2]
मशीनें और आपूर्ति शृंखला
फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें जलाने के विकल्पों में मदद करती हैं। बेलर पराली इकट्ठी करके गांठें बनाते हैं; मौजूदा विज्ञप्ति खेत से बाहर प्रबंधन के लिए किसानों, संग्रहकर्ताओं और बॉयलर में पराली की गांठें इस्तेमाल करने वाले उद्योगों के बीच संबंध बताती है।[1]
तारीख सहित समीक्षा
विज्ञप्ति और अमृतसर समीक्षा बैठक 10 अक्टूबर 2026 की हैं, जबकि मैदानी दौरे 9–10 अक्टूबर 2026 को हुए। पंजाब के 18 जिलों में 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उड़न दस्ते तैनात किए गए।[1]
संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है
CAQM ने धान की कटाई के दौरान अमृतसर और तरनतारन की समीक्षा की तथा उन्हें पराली जलाने के संवेदनशील क्षेत्र बताया। चर्चा में कटाई, खरीद, मशीनों की उपलब्धता और तैनाती शामिल थीं।[1] इसलिए समीक्षा केवल नीति घोषणा के बजाय संचालन की तैयारी पर केंद्रित थी। इसकी उपयोगिता इस पर निर्भर होगी कि समन्वय सूचीबद्ध संसाधनों को किसानों के लिए समय पर सेवाओं में बदलता है या नहीं। जिले में मशीनों की संख्या तैयारी बता सकती है, लेकिन केवल संख्या यह सिद्ध नहीं करती कि उपकरण जरूरत के समय सही खेत तक पहुंचते हैं।
ऐतिहासिक 2024 ढाँचा मशीन तक पहुँच की व्यवस्था समझाता है: उसमें किराये पर मशीन देने वाले केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों और फार्म बैंकों की मशीनें परखने, उपयोग बढ़ाने, गरीब तथा सीमांत किसानों की मदद और IT या वेब से मशीन-उपयोग की निगरानी माँगी गई थी। [2] ये तारीख-सहित पृष्ठभूमि उपाय हैं, नए 2026 निर्देश नहीं। वर्तमान समीक्षा में मशीन की उपलब्धता, जिला सहायता केंद्र और उद्योग से जुड़ा पुआल संग्रह इसी समस्या को ठोस रूप देते हैं। [1] प्रभावी व्यवस्था को उपलब्ध मशीन के साथ किसान तक समय पर सेवा पहुँचानी होगी।
परिचय
पराली जलाने की रोकथाम के लिए निगरानी के साथ व्यावहारिक विकल्प चाहिए। विज्ञप्ति निगरानी और नियम लागू कराने के साथ मशीनों की समय पर उपलब्धता, जागरूकता गतिविधियों और किसान सहायता पर जोर देती है।[1] इन तत्वों को पूरक मानना चाहिए। केवल खरीद पर निर्भर नीति पहुंच और समय निर्धारण की अनदेखी कर सकती है, जबकि निगरानी अकेले अवशेष प्रबंधन सेवा नहीं बनाएगी। मुख्य प्रशासनिक प्रश्न यह है कि कटाई के दौरान मशीनें, मैदानी कर्मचारी और आगे पराली इस्तेमाल करने वाले लोग एक कार्यशील व्यवस्था के रूप में काम करते हैं या नहीं।
प्रमुख मुद्दे
- अमृतसर ने मशीनों की जरूरत वाले किसानों की पहचान के लिए नियंत्रण कक्ष और सहायता केंद्र तथा पराली की गांठें इस्तेमाल करने वाले उद्योगों से संबंध होने की जानकारी दी।[1] ये व्यवस्थाएं समन्वय की कमियां घटा सकती हैं, लेकिन प्रभावशीलता के लिए सेवा स्तर के प्रमाण चाहिए। प्रशासन को प्राप्त मांगों, जवाब देने के समय, वास्तविक मशीन तैनाती और पूरी पराली संग्रह प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए। हेल्पलाइन या आपूर्ति शृंखला के अस्तित्व की सूचना को अपने आप पूर्ण पहुंच या पराली जलाने के अंत के बराबर नहीं मानना चाहिए।
महत्व
- खेत से बाहर प्रबंधन खेत के अवशेष की समस्या को औद्योगिक मांग से जोड़ता है। विज्ञप्ति किसानों और संग्रहकर्ताओं का बॉयलर वाले उद्योगों से जुड़ाव बताती है, जबकि ऐतिहासिक ढांचा जैव पदार्थ की निरंतर आपूर्ति पर जोर देता है।[1][2] संग्रह और पहुंचाना भरोसेमंद हो तो यह व्यवस्था विकल्पों को अधिक उपयोग योग्य बना सकती है। यह भी बताती है कि समन्वय कृषि अधिकारियों से आगे क्यों जाता है: अवशेष संभालना किसानों, मशीन संचालकों, संग्रहकर्ताओं और उपयोगकर्ताओं के सहयोग पर निर्भर है। पर्यावरणीय लाभ का आकलन फिर भी प्रमाणित रोकथाम और उपयुक्त परिणाम निगरानी से होना चाहिए।
चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण
- तरनतारन ने मशीन खरीद और उपलब्धता के लक्ष्यों की पर्याप्त प्राप्ति की जानकारी दी।[1] यह तैयारी का दावा है, सर्वोत्तम उपयोग या कम पराली जलने का प्रमाण नहीं। निगरानी से तुलनीय प्रमाण भी मिलने चाहिए। ऐतिहासिक विवरण जलने की घटनाओं को दर्ज करने और निगरानी के लिए ISRO द्वारा विकसित मानक प्रक्रिया बताता है।[2] घटनाओं का समान तरीके से आकलन तुलना में मदद कर सकता है, लेकिन आग की संख्या को सीधे समग्र वायु गुणवत्ता सुधार का माप नहीं बनाना चाहिए। खरीद, उपयोग, जलने की घटनाएं और आसपास का प्रदूषण अलग सूचक हैं।
आगे की राह
- जिले मशीनों की मांग को तैनाती अभिलेखों से मिलाने और किसानों के पास कार्रवाई का समय रहते देरी की समीक्षा करने पर विचार करें। खेत से बाहर प्रबंधन में केवल बेलरों की गिनती के बजाय संग्रह, एकत्रीकरण और तय उपयोगकर्ताओं तक पहुंच की निगरानी हो। नियंत्रण कक्ष किसान सहायता को मैदानी सत्यापन से जोड़ सकते हैं। CAQM के निर्देश के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी निरंतर रहे।[1] सार्वजनिक समीक्षा में बताई गई तैयारी और देखे गए क्रियान्वयन तथा वर्तमान मौसम के परिणाम और पुराने आंकड़े अलग हों। इससे नियम लागू कराना और सहायता देना, दोनों जवाबदेह बनेंगे।
निष्कर्ष
समीक्षा मशीनों तक पहुंच, आपूर्ति शृंखलाओं, जागरूकता और निगरानी को रोकथाम के जुड़े हिस्सों के रूप में प्रस्तुत करती है।[1] सफलता तब अधिक विश्वसनीय होगी जब समय पर किसान सेवाओं और कार्यशील पराली उपयोग के साथ कम जलने के तुलनीय प्रमाण मिलें।
प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य
- संस्थागत अंतर: मंत्रालय के ऐतिहासिक विवरण में CAQM का सांविधिक आधार है; मौजूदा विज्ञप्ति जिला समन्वय, सांविधिक निर्देश और उड़न दस्तों की निगरानी बताती है।[1][3]
- प्रमाण का अंतर: 2024 विवरण में कमी के आंकड़े पुरानी जलने की घटनाओं से संबंधित हैं, वर्तमान कटाई मौसम से नहीं। 2026 में बताई गई मशीन खरीद और उपलब्धता तैयारी के सूचक हैं, स्वयं जलने में कमी के आंकड़े नहीं।[1][2]
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
पराली जलाने की रोकथाम में समय पर किसान सहायता, खेत से बाहर उपयोग की आपूर्ति शृंखलाओं और विश्वसनीय निगरानी को जोड़ना क्यों जरूरी है? CAQM की जिला समीक्षा के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (10 अंक; सुझाई गई शब्द सीमा: 150 शब्द)
आदर्श उत्तर
CAQM की समीक्षा ने मशीनों तक पहुंच, पराली उपयोग, जागरूकता और निगरानी को धान की पराली जलाने की रोकथाम की पूरक जरूरतें माना।[1] किसानों को कटाई के समय उपयोग योग्य विकल्प चाहिए; खरीद का कुल आंकड़ा समय पर सेवा सिद्ध नहीं करता।
जिला प्रशासन मशीनों की मांग को तैनाती से मिलाए और देरी की निगरानी करे। अमृतसर ने नियंत्रण कक्ष, सहायता केंद्र और किसानों, संग्रहकर्ताओं तथा पराली की गांठें इस्तेमाल करने वाले उद्योगों के बीच संबंध बताए।[1] संग्रह और पहुंचाना भरोसेमंद हों तो ये व्यवस्थाएं खेत से बाहर प्रबंधन में मदद कर सकती हैं।
निगरानी में उपकरण उपलब्धता, वास्तविक उपयोग और सत्यापित जलने की घटनाएं अलग हों। तरनतारन की बताई गई खरीद तथा उपलब्धता लक्ष्य प्राप्ति तैयारी का प्रमाण है, पराली जलाने के अंत का नहीं।[1] ऐतिहासिक ISRO निगरानी प्रक्रिया घटनाओं के तुलनीय आकलन का महत्व बताती है।[2]
इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी के साथ किसान सहायता और आपूर्ति शृंखला समन्वय हो। समीक्षा सेवा प्रदर्शन तथा मौसमी परिणाम अलग जांचे और स्वतः समग्र वायु गुणवत्ता सुधार का दावा न करे। प्रभावी रोकथाम के लिए कार्यशील विकल्प, जवाबदेह प्रशासन और विश्वसनीय प्रमाण चाहिए।
महत्वपूर्ण शब्द
स्रोत एवं तथ्य-जाँच
UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न
इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. खेत में जैव-अपघटक का उपयोग — खेत के भीतर अवशेष प्रबंधन 2. बॉयलर में उपयोग हेतु उद्योगों को पुआल की गांठें देना — खेत के बाहर अवशेष प्रबंधन 3. खेत के भीतर मशीनों से अवशेष प्रबंधन — खेत के बाहर अवशेष प्रबंधन कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B)
युग्म 1 और 2 सही हैं: खेत में जैव-अपघटक का उपयोग खेत के भीतर प्रबंधन है; एकत्र पुआल का औद्योगिक बॉयलर में उपयोग खेत के बाहर प्रबंधन है। युग्म 3 गलत है क्योंकि अंतर केवल मशीन के उपयोग से नहीं, प्रबंधन के स्थान और तरीके से तय होता है। खेत के भीतर मशीनों से प्रबंधन खेत के भीतर की विधि है। [1][2]
प्रश्न 2
कथन-I: केवल मशीन खरीद और उपलब्धता के लक्ष्य पूरे होना पराली जलाने की प्रभावी रोकथाम सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कथन-II: CAQM समीक्षा ने समय पर किसान पहुंच, मशीनों के सर्वोत्तम उपयोग, पराली आपूर्ति शृंखला समन्वय और निरंतर निगरानी पर अलग जोर दिया। कौन-सा विकल्प सही है?
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C)
कथन-I सही है क्योंकि उपकरणों की तैयारी उनका प्रभावी उपयोग या रोकथाम के परिणाम सिद्ध नहीं करती। कथन-II सही है: विज्ञप्ति इन अतिरिक्त संचालन जरूरतों पर स्पष्ट जोर देती है। उनकी जरूरत समझाती है कि केवल खरीद और उपलब्धता पर्याप्त क्यों नहीं हैं।[1]
प्रश्न 3
वर्तमान समीक्षा और ऐतिहासिक निगरानी ढाँचे में वर्णित भूमिकाओं का कौन-सा संयोजन सही है?
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (D)
D भूमिकाएँ सही अलग करता है। वर्तमान समीक्षा जिला मशीन-सहायता और CAQM द्वारा भेजे फ्लाइंग स्क्वाड बताती है; ऐतिहासिक विवरण आग की घटनाएँ दर्ज और निगरानी करने का ISRO प्रोटोकॉल बताता है। A प्रोटोकॉल का विषय बदलता है; B भेजने वाली संस्था तथा निगरानी-विषय बदलता है; C निरंतर जिला निगरानी हटाता और मशीन-उपयोग को आग दर्ज करने से मिलाता है। [1][2]