अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।
वन्यजीवों के अनुकूल सड़कें: केवल पुल नहीं, सुरक्षित आवाजाही भी मापें
घटना / स्रोत की तारीख: 08 Oct 2026
GS 3 — संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन; आधारभूत संरचना: सड़कें।
NHAI का नया दस्तावेज यह प्रश्न उठाता है कि सड़क निर्माण में जानवरों की आवाजाही कैसे सुरक्षित रहे और उपाय की सफलता किस प्रमाण से आँकी जाए।
पहले विषय को समझें
इस समस्या में वन्यजीव मार्ग की भूमिका
वन्यजीव मार्ग सड़क की बाधा पार करने के लिए जानवरों को रास्ता देते हैं। अंडरपास नीचे और ओवरपास सड़क के ऊपर होता है। [1]
इससे पहले एक वास्तविक अध्ययन हुआ
10 अप्रैल 2026 की विज्ञप्ति में दिल्ली–देहरादून गलियारे के वन्यजीव अंडरपास पर NHAI और WII का अध्ययन सामने आया था। कैमरों से जानवरों द्वारा रास्ते के उपयोग के प्रमाण मिले।
यह पहले का अध्ययन अक्टूबर के नीति संदर्भ को समझने में मदद करता है; इससे अकेले वन्यजीव आबादी बढ़ना सिद्ध नहीं होता। [2]
संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है
8 अक्टूबर 2026 की PIB विज्ञप्ति NHAI के वन्यजीव प्रभाव घटाने वाले दस्तावेज का परिचय देती है। इसमें 2,150 से अधिक संरचनाएँ निर्मित और/या प्रस्तावित बताई गई हैं। इस मिली हुई संख्या को सभी पूरी हो चुकी संरचनाएँ नहीं कहना चाहिए। [1]
परिचय
सड़क बाजार और बस्तियाँ जोड़ती है, लेकिन किसी जानवर के रहने के क्षेत्र को बाँट सकती है। Habitat fragmentation का अर्थ जुड़े हुए आवास का छोटे हिस्सों में टूटना है। चुनौती है कि लोगों का आवागमन सुधरे और जीवों की आवाजाही भी बनी रहे। इसलिए वन्यजीव मार्ग की सफलता केवल निर्माण पूरा होने से नहीं, सुरक्षित और उपयोगी आवाजाही से आँकनी चाहिए।
प्रमुख मुद्दे
- रूपरेखा से पहले स्थान सही हो। जानवरों के वास्तविक मार्ग से दूर बना अच्छा मार्ग भी कम उपयोगी हो सकता है। सड़क का मार्ग बदलना कठिन होने से पहले पूरे क्षेत्र और जीवों की आवाजाही का अध्ययन हो।
- अलग जीव जगह का अलग उपयोग करते हैं। एक डिजाइन सबके लिए सही नहीं मान सकते। मानवीय गतिविधि, रोशनी, जल निकासी और शोर मार्ग का वास्तविक लाभ बदल सकते हैं।
- निगरानी संभावित अच्छे डिजाइन और वास्तविक उपयोग का अंतर बताती है। दिल्ली–देहरादून के पहले अध्ययन में अंडरपास पर वन्यजीव उपयोग दर्ज हुआ था। वह अप्रैल 2026 का पृष्ठभूमि प्रमाण है; अक्टूबर में हुआ नया सर्वेक्षण नहीं। [2]
महत्व
- जुड़े हुए प्राकृतिक क्षेत्र जानवरों को भोजन, आश्रय और प्रजनन के स्थान तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं। सड़क पूरी बाधा न बने, यह केवल निर्माण स्थल से आगे भी संरक्षण का विषय है।
- सुरक्षित मार्ग सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और बेहतर योजना में भी सहायता कर सकते हैं। जोखिम पहले समझे जाएँ तो बाद में महँगे सुधार की जरूरत आने से पहले विकल्पों की तुलना संभव होती है।
चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण
- बनी संरचना गिनना आसान है; सफल प्राकृतिक संपर्क मापना कठिन है। मार्ग पर जानवर की तस्वीर उपयोग का प्रमाण है, लेकिन उससे अपने आप आबादी बढ़ने या दुर्घटनाएँ समाप्त होने का निष्कर्ष नहीं निकलता। दावा मापे हुए प्रमाण के अनुसार हो।
- देखरेख लगातार जरूरी है। बंद जल निकासी, गलत बाड़ या बढ़ती बाधा उपयोग घटा सकती है। सड़कें प्रशासनिक सीमाएँ पार करती हैं; इसलिए पर्यावरणीय निगरानी अलग-अलग परियोजना रिपोर्ट तक सीमित न रहे।
आगे की राह
- पहले बचाव, फिर प्रभाव कम करना, फिर उपयुक्त उपाय का क्रम अपनाएँ। संवेदनशील आवास से बचने वाले मार्ग की तुलना करें। जहाँ बचना संभव न हो, बाधा कम करके स्थानीय स्थिति के अनुसार उपाय बनाएँ।
- निर्माण से पहले स्थिति मापें और अलग मौसमों में निगरानी जारी रखें। मार्ग उपयोग, दुर्घटना और देखरेख की समस्या अलग दर्ज करें। अध्ययन की विधि और सीमाएँ भी प्रकाशित हों। पूरी संचालन अवधि के लिए जिम्मेदार और बजट तय हो। वन विभाग, वैज्ञानिक संस्था और स्थानीय समुदाय समीक्षा में जुड़ें। ये बेहतर मूल्यांकन के सुझाव हैं; हर वर्तमान परियोजना में व्यवस्था न होने का दावा नहीं है।
निष्कर्ष
सड़क और संरक्षण को एक योजना में देखना चाहिए। पर्यावरणीय सफलता केवल खर्च या संरचनाओं की गिनती नहीं है। स्थायी उद्देश्य ऐसा सड़क जाल है जिसमें यातायात सुरक्षा, नियमित देखरेख और प्रमाणित वन्यजीव आवाजाही साथ जाँची जाए।
प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य
- संस्थाएँ: NHAI = National Highways Authority of India; WII = Wildlife Institute of India। दोनों नाम एक-दूसरे के स्थान पर न रखें। [1][2]
- मार्ग की स्थिति: अंडरपास सड़क के नीचे तथा ओवरपास ऊपर से आवाजाही उपलब्ध कराता है। [1]
- परियोजना की स्थिति: प्रस्तावित का अर्थ पूरा हो चुका नहीं है। निर्मित और प्रस्तावित संरचनाओं को जोड़कर दिए विवरण को सावधानी से पढ़ें। [1][2]
- संरक्षण का प्रमाण: मार्ग उपयोग अकेले आबादी बढ़ना सिद्ध नहीं करता। लेख निर्मित संरचना और प्रमाणित पर्यावरणीय परिणाम में अंतर करता है। [1][2]
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
मौलिक अभ्यास प्रश्न: “राजमार्ग परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण उपायों का मूल्यांकन निर्माण की गिनती के बजाय पर्यावरणीय परिणामों से होना चाहिए।” चर्चा कीजिए। 10 अंक; आदर्श उत्तर-लंबाई: 150 शब्द।
आदर्श उत्तर
राजमार्ग मानवीय संपर्क बढ़ाते हैं, लेकिन प्राकृतिक आवास बाँटकर वन्यजीव आवाजाही रोक सकते हैं। NHAI का नया दस्तावेज इन आवश्यकताओं में संतुलन की समीक्षा का संदर्भ देता है। [1]
संरचनाएँ गिनना निर्माण की जानकारी देता है; उससे पर्यावरणीय प्रभावशीलता सिद्ध नहीं होती। मार्ग सही स्थान पर हो, संबंधित जानवरों के अनुकूल हो और निर्माण बाद उपयोग योग्य रहे। पहले के दिल्ली–देहरादून अध्ययन की तरह निगरानी उपयोग दर्ज कर सकती है, लेकिन निष्कर्ष जुटाए प्रमाण से आगे नहीं बढ़ना चाहिए। [2]
योजना में संभव हो तो संवेदनशील क्षेत्र से बचें। शेष प्रभाव कम करके उपयुक्त उपाय बनाएँ। निर्माण पूर्व स्थिति, अलग मौसम की निगरानी, दुर्घटना रिकॉर्ड और देखरेख की जाँच मूल्यांकन का भाग हों। सड़क की पूरी संचालन अवधि में जिम्मेदारी और धन उपलब्ध रहे। सड़क एजेंसी, वन विभाग और स्थानीय लोगों का सहयोग जवाबदेही मजबूत करे।
इसलिए सफलता का अर्थ भरोसेमंद यातायात के साथ कार्यशील प्राकृतिक संपर्क है। उसे उचित प्रमाण से आँकें, केवल निर्माण संख्या से नहीं।
महत्वपूर्ण शब्द
- Habitat fragmentation — जुड़े हुए प्राकृतिक आवास का छोटे हिस्सों में टूटना।
- Mitigation — नुकसान या प्रतिकूल प्रभाव घटाने के उपाय।
- Baseline — शुरुआत की माप, जिससे बाद के बदलाव की तुलना होती है।
स्रोत एवं तथ्य-जाँच
UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न
इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. वन्यजीव अंडरपास — सड़क के नीचे आवाजाही 2. वन्यजीव ओवरपास — सड़क के ऊपर आवाजाही 3. WII — National Highways Authority of India उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
प्रश्न 2
वन्यजीव मार्गों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावित मार्ग अनिवार्य रूप से पूरी हो चुकी संरचना है। 2. मार्ग के दर्ज उपयोग से अकेले वन्यजीव आबादी में वृद्धि सिद्ध होती है। 3. अंडरपास और ओवरपास सड़क के सापेक्ष अलग स्थितियों में आवाजाही उपलब्ध कराते हैं। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
प्रश्न 3
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन-I: केवल पूरी संरचनाओं की संख्या गिनना उनकी संरक्षण संबंधी प्रभावशीलता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कथन-II: संरचना का मौजूद होना और सुरक्षित वन्यजीव आवाजाही तथा पर्यावरणीय परिणामों का प्रमाण अलग हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?