← संपादकीय इस अंक का Prelims मॉक टेस्ट →
B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

PRASHAST: पूरे विद्यालय का संवेदनशीलता प्रशिक्षण और चरणबद्ध रेफरल व्यवस्था

घटना / स्रोत की तारीख: 08 Oct 2026

GS 2: शिक्षा से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन के विषय; संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ।

विभाग ने समावेशी शिक्षा के परिचयात्मक मॉड्यूल का देशव्यापी प्रदर्शन बताया। PRASHAST की जाँच सूची संभावित दिव्यांगता पहचानने में सहायता देती है; विशेष शिक्षक का सत्यापन और चिकित्सकीय रेफरल स्क्रीनिंग तथा प्रमाणन से अलग हैं। [1][2]

पहले विषय को समझें

1

समावेशन की आवश्यकता

पहल विद्यालय कर्मियों को समावेशी शिक्षा और संभावित दिव्यांगता के प्रति संवेदनशील बनाती है। यह विद्यालय स्तर की पहचान और रेफरल से संबंधित है, शिक्षकों को चिकित्सकीय प्रमाणन का काम नहीं देती। [1][2]

2

स्क्रीनिंग के दो अर्थ

परिचयात्मक मॉड्यूल की स्क्रीनिंग का अर्थ विद्यालय कर्मियों को शैक्षिक कार्यक्रम दिखाना है। बच्चे की स्क्रीनिंग का अर्थ सूची से संभावित दिव्यांगता के दिखाई देने वाले संकेत पहचानना है; दोनों अलग गतिविधियाँ हैं। [1]

3

पहले का शुभारंभ

PRASHAST की जाँच सूची पुस्तिका और मोबाइल ऐप शिक्षक पर्व 2022 में शुरू हुए। पहले की विज्ञप्ति RPwD अधिनियम 2016 की बेंचमार्क दिव्यांगताओं सहित 21 दिव्यांगताओं का दायरा बताती है। [2]

4

नीतिगत और कानूनी संदर्भ

PIB पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy—NEP), 2020 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (Rights of Persons with Disabilities—RPwD), 2016 से जोड़ता है। परामर्शित PIB विवरण में बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या अधिक दिव्यांगता है।

विद्यालय की सूची यह प्रतिशत तय या प्रमाणन प्रदान नहीं करती; शुरुआती स्क्रीनिंग संबंधित आकलन और प्रमाणन के मार्ग की ओर ले जाती है। [1][2][3]

5

दो भागों वाली व्यवस्था

शिक्षक दिखाई देने वाले संकेतों की स्क्रीनिंग करते हैं। विशेष शिक्षक मामलों का सत्यापन और आवश्यकता पर चिकित्सकीय रेफरल सुगम बनाते हैं; संभावित पहचान पूर्ण चिकित्सा आकलन नहीं है। [1]

6

पूरे विद्यालय के प्रतिभागी

परिचयात्मक कार्यक्रम शिक्षकों, विशेष शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और गैर-शिक्षण कर्मियों के लिए है। 30-मिनट का मॉड्यूल 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, इसलिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण केवल कक्षा शिक्षकों तक सीमित नहीं है। [1]

7

दिनांकित रिपोर्ट

8 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति 60,000 से अधिक विद्यालयों की भागीदारी और पहले 72 लाख से अधिक शिक्षकों के संवेदनशीलता प्रशिक्षण की जानकारी देती है। देशव्यापी मॉड्यूल प्रदर्शन की वास्तविक तारीख निर्दिष्ट नहीं है। [1]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

दिनांकित रिपोर्ट PRASHAST के माध्यम से समावेशी शिक्षा के परिचयात्मक मॉड्यूल को देशभर में दिखाने से संबंधित है। इसे स्क्रीनिंग या चिकित्सा आकलन प्राप्त बच्चों की संख्या नहीं समझना चाहिए। जाँच सूची और ऐप का पहले हुआ शुभारंभ संबंधित घटनाक्रम बताता है; वर्तमान रिपोर्ट पूरे विद्यालय का संवेदनशीलता कार्यक्रम जोड़ती है। दोनों मिलकर जागरूकता और अवलोकन से विशेष शिक्षक की पुष्टि, रेफरल और संभावित प्रमाणन तक संस्थागत रास्ता बताते हैं; ये परस्पर बदल सकने वाली एक प्रशासनिक घटना नहीं हैं। [1][2]

परिचय

मॉड्यूल व्यवहारिक उदाहरण और संवादात्मक गतिविधियों से उचित तथा सम्मानजनक व्यवहार प्रोत्साहित करता है। शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों के साथ आया, चालक, लिपिक, स्वागतकर्मी, डीन और वार्डन भी इसके प्रतिभागी हैं। यह व्यापकता समावेशन को कक्षा के साथ परिवहन, कार्यालय और साझा स्थानों से जोड़ती है। 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्धता इस कार्यबल तक संवाद पहुँचाती है। रूपरेखा मानती है कि बच्चे का विद्यालय अनुभव कई तरह के कर्मियों से बार-बार होने वाले संपर्कों से बनता है। [1]

प्रमुख मुद्दे

  • PRASHAST दो भागों की जाँच सूची से संभावित दिव्यांगता पहचानता है। शिक्षक संकेत देखते और स्क्रीनिंग करते हैं; विशेष शिक्षक मामलों की पुष्टि करके जरूरत पर चिकित्सकीय रेफरल सुगम बनाते हैं। ‘संभावित’ शब्द महत्त्वपूर्ण है: अवलोकन प्रवेश चरण है, चिकित्सकीय निष्कर्ष नहीं। पहले की विज्ञप्ति समग्र शिक्षा के तहत स्क्रीनिंग से प्रमाणन की दिशा में बढ़ना बताती है। इससे शैक्षिक अवलोकन और बाद का प्रमाणन अलग होते हैं। चरण मिलाने से शिक्षक की जिम्मेदारी और बच्चे की स्थिति दोनों गलत वर्णित हो सकती हैं। [1][2]
  • सूची RPwD अधिनियम 2016 की बेंचमार्क दिव्यांगताओं सहित 21 दिव्यांगताएँ समेटती है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (National Council of Educational Research and Training—NCERT) ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक इमरान खान की सहायता से ऐप बनाया; 2022 की विज्ञप्ति पुस्तिका और Android ऐप का शुभारंभ बताती है। साझा सूची अवलोकन को एकसमान व्यवस्थित कर सकती है, लेकिन विशेष शिक्षक का सत्यापन आवश्यक रहता है। व्यवहारिक कार्य उपयोगी डिजिटल साधन को शिक्षकों और चिकित्सा रेफरल मार्ग से जोड़ना है, केवल ऐप तक पहुँच मापना नहीं। [2][1]

महत्व

  • मुख्य योगदान संगठित विद्यालय-स्तरीय पहचान और रेफरल व्यवस्था को व्यापक कर्मचारी संवेदनशीलता से जोड़ना है। 60,000 से अधिक विद्यालयों की भागीदारी और पहले 72 लाख से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण का विवरण विभाग द्वारा बताई पहुँच दर्शाता है। ये भागीदारी के माप हैं। संभावित लाभ अधिक जानकारीपूर्ण पहचान और उचित आकलन से जुड़ाव है; विज्ञप्तियाँ प्रत्येक विद्यालय में बेहतर शैक्षिक परिणाम या सभी चिकित्सकीय रेफरल पूरे होने को स्थापित नहीं करतीं। [1][2]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • पूरे विद्यालय में क्रियान्वयन को विशिष्ट जिम्मेदारियाँ बनाए रखते हुए प्रशिक्षण दैनिक संपर्क में उतारना होगा। परिवहन, कार्यालय और साझा स्थानों के कर्मी समझें कि उनका व्यवहार सुरक्षित, सुलभ तथा सहयोगी वातावरण को कैसे प्रभावित करता है। शिक्षकों को उपयोगी अवलोकन प्रक्रिया, विशेष शिक्षकों को सत्यापन भूमिका और चिकित्सा आकलन वाले मामलों को अनुवर्तन चाहिए। इसलिए निगरानी विद्यालय के व्यवहार तथा रेफरल मार्ग की प्रगति दोनों देखे; उपस्थिति केवल प्रशिक्षण की पहुँच बताती है। [1][2]

आगे की राह

  • विद्यालय भाग लेने वाले कर्मियों को चरणबद्ध प्रक्रिया समझाएँ और चिकित्सा रेफरल वाले मामलों के लिए स्पष्ट अनुवर्ती मार्ग रखें। परिचयात्मक कार्यक्रम बताए कि कौन-से अवलोकन सूची में आते और कौन-से निर्णय विशेष पुष्टि या आकलन चाहते हैं। मूल्यांकन में उपस्थिति, सूची उपयोग, पुष्टि और रेफरल पूरा होना अलग रखा जाए। ये बताई भूमिकाओं के अनुरूप सुझाव हैं; प्रमाण यह स्थापित नहीं करता कि प्रत्येक सहभागी विद्यालय में सभी अनुवर्ती व्यवस्थाएँ पहले से काम कर रही हैं। [1][2]

निष्कर्ष

PRASHAST पहले के स्क्रीनिंग साधन और वर्तमान पूरे-विद्यालय संवेदनशीलता रिपोर्ट को जोड़ता है। इसका महत्त्व पेशेवर सीमाएँ बनाए रखते हुए शैक्षिक अवलोकन को उचित पुष्टि और रेफरल से जोड़ने में है। सही आकलन भागीदारी के पैमाने को स्वीकार करेगा, लेकिन उसे बच्चों के निदान, प्रमाणन या प्राप्त समावेशन परिणामों के असमर्थित दावों में नहीं बदलेगा। [1][2]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • मॉड्यूल दिखाना और बच्चे की स्क्रीनिंग अलग हैं। शिक्षक, विशेष शिक्षक और चिकित्सा रेफरल की भूमिकाएँ अलग हैं। सूची में बेंचमार्क दिव्यांगताएँ शामिल हैं; दायरा केवल उन्हीं तक सीमित नहीं बताया गया। [1][2]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: संभावित दिव्यांगता पहचान के लिए PRASHAST की चरणबद्ध पद्धति का परीक्षण कीजिए। समझाइए कि स्क्रीनिंग को प्रमाणन से मिलाए बिना पूरे विद्यालय का संवेदनशीलता प्रशिक्षण कैसे सहायता दे सकता है। (10 अंक; सुझाई गई उत्तर-लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

PRASHAST संभावित दिव्यांगता पहचानने का विद्यालय-स्तरीय मार्ग देता है। शिक्षक दो भागों की सूची से दिखाई देने वाले संकेत देखते हैं; विशेष शिक्षक मामलों की पुष्टि और आवश्यक चिकित्सा रेफरल सुगम बनाते हैं। पहले की विज्ञप्ति समग्र शिक्षा के तहत स्क्रीनिंग से प्रमाणन की दिशा बताती है; इसलिए स्क्रीनिंग प्रमाणन नहीं। [1][2]

वर्तमान कार्यक्रम में शिक्षक, विशेष शिक्षक, विद्यालय प्रमुख और गैर-शिक्षण कर्मी शामिल हैं। 12 भारतीय भाषाओं का 30-मिनट मॉड्यूल व्यापक संवेदनशीलता देता है। इससे भूमिकाओं की समझ और अनुवर्ती कार्रवाई सुधर सकती है, लेकिन सभी कर्मियों की तकनीकी जिम्मेदारी समान नहीं होती। [1]

सूची बेंचमार्क सहित 21 दिव्यांगताएँ समेटती है। विद्यालय भागीदारी और पहले का शिक्षक प्रशिक्षण पहुँच मापते हैं, पुष्ट बाल निदान नहीं। विद्यालय अवलोकन, पुष्टि और रेफरल अलग रखें तथा आकलन वाले मामलों का अनुवर्तन करें। मूल्यांकन मॉड्यूल उपस्थिति और बच्चे की प्रगति अलग देखे। इस तरह जागरूकता शैक्षिक स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय प्रमाणन की सीमा बचाते हुए सहायता दे सकती है। [2][1]

महत्वपूर्ण शब्द

  • संभावित दिव्यांगता: स्क्रीनिंग में संकेतित स्थिति, जिसके लिए संबंधित पुष्टि या आकलन अभी आवश्यक है। [1]
  • संवेदनशीलता प्रशिक्षण: समावेशी शिक्षा की समझ बढ़ाने वाला परिचयात्मक कार्यक्रम। [1]
  • सत्यापन: शिक्षक स्क्रीनिंग के बाद विशेष शिक्षक द्वारा मामले की जाँच का चरण। [1]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. Nationwide Screening of Inclusive Education Sensitization Module through PRASHAST
  2. Shikshak Parv 2022: launch of PRASHAST checklist booklet and mobile app
  3. Government Notifies the List of Posts Identified Suitable for Persons with Benchmark Disabilities — 40% and above definition

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

PRASHAST की बताई प्रक्रिया पर विचार कीजिए: 1. शिक्षक शुरुआती स्क्रीनिंग के लिए दिखाई देने वाले संकेत उपयोग करते हैं। 2. विशेष शिक्षक मामलों का सत्यापन और आवश्यकता पर चिकित्सा रेफरल सुगम बनाते हैं। 3. दो भागों वाली सूची शिक्षक स्क्रीनिंग शुरू होने से पहले चिकित्सा आकलन आवश्यक करती है। कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 3
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 2
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

कथन 1 और 2 PIB का क्रम बताते हैं। कथन 3 क्रम उलटता है: अवलोकन आधारित स्क्रीनिंग के बाद सत्यापन और आवश्यक चिकित्सा रेफरल आते हैं। C में 1 और 2 हैं; A, B और D में 3 है। पहले की विज्ञप्ति स्क्रीनिंग से प्रमाणन की दिशा बताती है, विद्यालय स्क्रीनिंग से पहले चिकित्सा आकलन की शर्त नहीं। [1][2]

प्रश्न 2

बताए गए भागीदारी आँकड़ों की निम्नलिखित व्याख्याओं में से कितनी उचित हैं? 1. 60,000 से अधिक विद्यालयों की भागीदारी देशव्यापी मॉड्यूल प्रदर्शन की पहुँच बताती है। 2. पहले 72 लाख से अधिक शिक्षकों का संवेदनशीलता प्रशिक्षण पहुँच का अलग माप है, चिकित्सा आकलन के लिए भेजे गए बच्चों की संख्या नहीं। 3. पहले प्रशिक्षित शिक्षकों की कुल संख्या को सहभागी विद्यालयों की कुल संख्या से भाग देने पर देशव्यापी प्रदर्शन में प्रति सहभागी विद्यालय उपस्थित शिक्षकों की औसत संख्या स्थापित होती है।

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

व्याख्याएँ 1 और 2 सही हैं: PIB देशव्यापी विद्यालय भागीदारी और पिछले तीन महीनों के शिक्षक संवेदनशीलता प्रशिक्षण को अलग बताता है। कोई भी आँकड़ा बच्चों की व्यक्तिगत स्क्रीनिंग या चिकित्सा रेफरल नहीं गिनता। व्याख्या 3 गलत है क्योंकि विज्ञप्ति यह स्थापित नहीं करती कि पहले प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या उन्हीं विद्यालयों और कार्यक्रम से संबंधित है जिनकी भागीदारी बताई गई है; उनका अनुपात कार्यक्रम में प्रति विद्यालय उपस्थिति स्थापित नहीं कर सकता। ठीक दो व्याख्याएँ उचित हैं, इसलिए B सही है; A, C और D की गणना गलत है। [1]

प्रश्न 3

विद्यालय मॉड्यूल की पूरे-विद्यालय पद्धति अपनाना चाहता है। कौन-सी प्रशिक्षण योजना विज्ञप्ति के तर्क से सबसे अधिक मेल खाती है?

  1. संबंधित कर्मियों को शामिल करके कक्षा, कार्यालय, परिवहन और साझा स्थानों में सम्मानजनक तथा सुलभ संपर्क संबोधित करना।
  2. प्रशिक्षण कक्षा शिक्षकों पर केंद्रित रखना और परिवहन तथा कार्यालय व्यवहार नियमित प्रशासन पर छोड़ना।
  3. सभी कर्मियों को शामिल करना लेकिन विषय केवल कक्षा शिक्षण के अनुकूलन तक सीमित रखना।
  4. प्रशिक्षण विशेष शिक्षकों पर केंद्रित करना और सभी विद्यालय स्थानों में समावेशन का मुख्य माप जाँच सूची बनाना।
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

A विज्ञप्ति के इस विचार का पालन करता है कि विद्यालय का हर संपर्क समावेशन में योगदान देता है। B संबंधित स्थानों के कर्मी छोड़ता है; C कर्मियों को बुलाकर उनके स्थानों की जरूरत नहीं देखता; D साझा जिम्मेदारी को विशेष शिक्षकों और स्क्रीनिंग साधन तक सीमित करता है। मॉड्यूल सभी विद्यालय स्थानों में सुरक्षित, सुलभ तथा सहयोगी वातावरण चाहता है। [1]