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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

वन्यजीव-संवेदनशील राजमार्ग: मार्ग टालना, पारपथ और निगरानी

घटना / स्रोत की तारीख: 08 Oct 2026

GS 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण; अवसंरचना: सड़कें।

NHAI की व्याख्यात्मक विज्ञप्ति संरचनात्मक और पूरक वन्यजीव सुरक्षा उपाय बताती है। संरचनाओं की कुल संख्या में निर्मित और प्रस्तावित दोनों काम हैं; पहले की PIB विज्ञप्ति योजना में संवेदनशील क्षेत्र टालने की ऐतिहासिक प्राथमिकता समझाती है। [1][2]

पहले विषय को समझें

1

पारिस्थितिक आवश्यकता

राजमार्ग आवासों को खंडित कर सकते, आवाजाही में बाधा बना सकते और वन्यजीवों को वाहन टक्कर के जोखिम में डाल सकते हैं। वर्तमान विज्ञप्ति के घोषित उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को संबोधित करते हैं। [1]

2

शमन संरचनाएँ

संरचनात्मक उपायों में अंडरपास, ओवरपास, अनुकूलित पुलिया और वृक्ष-छत्र पारपथ हैं। ये अलग तरह के रास्ते देते हैं; चयन पारिस्थितिक संवेदनशीलता, वन्यजीव आवाजाही और इंजीनियरिंग व्यवहार्यता पर निर्भर है। [1]

3

पूरक उपाय

मार्गदर्शक बाड़, शोर अवरोधक और गति विनियमन पारपथों के पूरक हैं। कैमरा-ट्रैप निगरानी भी बताई गई है; संरचना और उसके उपयोग में सहायक उपाय अलग घटक हैं। [1]

4

ऐतिहासिक परिहार पद्धति

2022 की मंत्रालय विज्ञप्ति ने लंबे रास्ते या बाईपास सहित राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों से मार्ग टालने की प्राथमिकता बताई थी। अपरिहार्य मार्गों में काम से पहले वैधानिक मंजूरियाँ और अधिकतम 30-मीटर मार्ग-अधिकार चौड़ाई बताई गई थी। [2]

5

योजना की संस्थाएँ

पहले की विज्ञप्ति ने योजना चरण में भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India—WII) की रेखीय अवसंरचना वन्यजीव-शमन पुस्तिका उपयोग करना आवश्यक बताया था। स्थल-विशिष्ट उपाय वन प्राधिकारियों के साथ चुने जाते थे; उन्हें स्वीकृत वन्यजीव प्रबंधन योजनाओं में धन भी मिलता था। [2]

6

निर्माण और प्रस्ताव

NHAI ने 2,150 से अधिक संरचनाओं को निर्मित और/या प्रस्तावित बताया है। यह संयुक्त संख्या पूरी या पारिस्थितिक रूप से प्रभावी संरचनाओं की संख्या नहीं है। [1]

7

विज्ञप्ति और शुभारंभ का अंतर

व्याख्यात्मक विज्ञप्ति 8 अक्टूबर 2026 की है। दस्तावेज एकता नगर के चिंतन शिविर में हाल में जारी हुआ था, लेकिन पहले की तारीख नहीं दी गई; पाँच वर्षों के लगभग ₹19,700 करोड़ में शमन और संबंधित पर्यावरण सुरक्षा शामिल हैं। [1]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

वर्तमान विज्ञप्ति राजमार्ग वन्यजीव-शमन दस्तावेज समझाती है; यह हर बताई संरचना का उसी दिन शुभारंभ स्थापित नहीं करती। इसमें निवेश, संरचनाओं के प्रकार, योजना के विचार और सहायक उपाय हैं। पहले की PIB विज्ञप्ति परिहार-प्रथम क्रम जोड़ती है: जहाँ संभव हो, लंबे रास्ते या बाईपास द्वारा भी राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों से सड़क टालनी थी। इससे इंजीनियरिंग शमन व्यापक योजना क्रम में आता है; हर पारिस्थितिक संघर्ष का पहला उत्तर पारपथ नहीं माना जाता। [1][2]

परिचय

नीतिगत समस्या की कई प्रक्रियाएँ हैं। आवास खंडन अलग हुए आवास क्षेत्रों से, बाधा प्रभाव सीमित आवाजाही से और टक्कर यातायात से सीधे संपर्क से संबंधित है। पारपथ आवाजाही में सहायता देता है, जबकि बाड़ और गति विनियमन अलग तरीकों से पूरक होते हैं। योजना पारिस्थितिक संवेदनशीलता और वास्तविक वन्यजीव आवाजाही को इंजीनियरिंग व्यवहार्यता के साथ देखती है। इसलिए विज्ञप्ति स्थल-अनुकूल उपायों का संयोजन बताती है, सभी सड़क प्रभाव अपने-आप समाप्त करने वाली एक मानक संरचना नहीं। [1]

प्रमुख मुद्दे

  • NHAI पाँच वर्षों में वन्यजीव शमन और संबंधित पर्यावरण सुरक्षा पर लगभग ₹19,700 करोड़ निवेश बताता है। इसका दायरा केवल पारपथ निर्माण से व्यापक है। इसी तरह 2,150 से अधिक संरचनाएँ सामूहिक रूप से निर्मित और/या प्रस्तावित हैं। व्याख्या में दोनों अंतर जरूरी हैं: पूरा व्यय पूर्ण पारपथों को नहीं सौंपा जा सकता और संयुक्त संख्या चालू नेटवर्क स्थापित नहीं करती। पूर्णता और प्रभावशीलता के लिए यहाँ दी गई कुल राशियों से अलग प्रमाण आवश्यक है। [1]
  • 2022 के ऐतिहासिक मंत्रालय निर्देशों में अपरिहार्य मार्गों के लिए अधिकतम 30-मीटर मार्ग-अधिकार और काम से पहले वैधानिक मंजूरियाँ थीं। क्रियान्वयन संस्थाओं को योजना में WII पुस्तिका उपयोग करनी थी और वन प्राधिकारियों के साथ स्थल-विशिष्ट उपाय चुनने थे। ये उस विज्ञप्ति के ऐतिहासिक निर्देश हैं, हर वर्तमान नियम का स्वतंत्र सत्यापन नहीं। उनका महत्त्व संवेदनशील क्षेत्र टालने, पूर्व योजना, मंजूरी और स्थान-विशिष्ट शमन के प्रमाणित क्रम में है। [2]

महत्व

  • पारपथों के प्रकार आवाजाही के पूरक रास्ते देते हैं: अंडरपास और अनुकूलित पुलिया सड़क के नीचे, ओवरपास ऊपर तथा वृक्ष-छत्र पारपथ पेड़ों की ऊपरी शाखाओं के स्तर पर रास्ता देते हैं। उपयुक्तता गलियारे की आवाजाही और इंजीनियरिंग सीमाओं पर निर्भर है। मार्गदर्शक बाड़ वन्यजीवों को निर्धारित पारपथ तक पहुँचाती है और शोर अवरोधक व्यवधान घटाते हैं। इससे रास्ते का स्थान जानवरों के सुरक्षित पहुँचने की संभावना से जुड़ता है; हर प्रकार की संरचना को परस्पर विकल्प नहीं माना जाता। [1]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • पारिस्थितिक संपर्क और टक्कर जोखिम के लिए जुड़े लेकिन अलग हस्तक्षेप चाहिए। पारपथ राजमार्ग के आर-पार आवाजाही जोड़ता है; पहचाने गए टक्कर स्थलों पर गति बोर्ड और चेतावनी संकेत यातायात जोखिम संबोधित करते हैं। बाड़ को ऐसा निर्धारित पारपथ चाहिए जिसकी ओर वह जानवरों को ले जाए; निगरानी देखी आवाजाही को स्थल-विशिष्ट रूपरेखा से जोड़े। कैमरा ट्रैप आवधिक मूल्यांकन और वन प्राधिकारियों से परामर्श स्थानीय उपाय चयन में सहायक हैं। निर्माण स्थिति महत्त्वपूर्ण है, लेकिन चुनौती एक ही गलियारे में इन पूरक कार्यों का समन्वय है। [1][2]

आगे की राह

  • आकलन प्रस्तावित, निर्मित और निगरानी वाली संरचनाएँ अलग करे तथा प्रत्येक स्थान को उसके पारिस्थितिक उद्देश्य से जोड़े। योजना बताए कि विशेष पारपथ और पूरक उपाय क्यों चुने गए। निगरानी वन्यजीव उपयोग और संबोधित समस्याएँ देखे। ऐतिहासिक परिहार-प्रथम पद्धति दस्तावेजित योजना सीख है, जबकि वर्तमान बाध्यकारी आवश्यकताओं के दावे वर्तमान समर्थन माँगते हैं। ये सुझाई आकलन पद्धतियाँ हैं, सभी परियोजनाओं द्वारा सफल पालन का दावा नहीं। [1][2]

निष्कर्ष

विज्ञप्ति वन्यजीव शमन का बहुस्तरीय विवरण देती है: परिहार-आधारित योजना, स्थल-विशिष्ट पारपथ, पूरक यातायात और बाधा उपाय तथा निगरानी। निवेश और संयुक्त संरचना संख्या गतिविधि बताते हैं, पूरा पारिस्थितिक परिणाम नहीं। घटनाक्रम, परियोजना स्थिति और देखे गए कार्य को अलग रखना अवसंरचना विकास तथा वन्यजीव सुरक्षा दोनों की अधिक सही समझ देता है। [1][2]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • परिहार और शमन योजना के अलग चरण हैं। निर्मित/प्रस्तावित कुल संख्या पूर्ण कार्य से अलग है। पारपथ चयन, मार्गदर्शक उपाय और निगरानी पूरक हैं, परस्पर विकल्प नहीं। [1][2]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: समझाइए कि वन्यजीव-संवेदनशील राजमार्ग योजना में पारपथ निर्माण से अधिक क्यों आवश्यक है। बताई व्यवस्था के आधार पर परिहार, पूरक उपाय और निगरानी की चर्चा कीजिए। (10 अंक; सुझाई गई उत्तर-लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

वन्यजीव-संवेदनशील राजमार्ग योजना आवास खंडन, आवाजाही बाधा और वाहन टक्कर संबोधित करती है। पारपथ महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन व्यवस्था व्यापक क्रम रखती है। ऐतिहासिक 2022 निर्देशों ने अपरिहार्य मार्गों और स्थल-विशिष्ट सुरक्षा से पहले लंबे रास्ते या बाईपास द्वारा भी राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से बचने को प्राथमिकता दी। [1][2]

वर्तमान उपायों में पारिस्थितिक संवेदनशीलता, आवाजाही और इंजीनियरिंग व्यवहार्यता के अनुसार अंडरपास, ओवरपास, अनुकूलित पुलिया और वृक्ष-छत्र पारपथ हैं। बाड़, शोर अवरोधक और गति विनियमन पूरक हैं; कैमरा ट्रैप निगरानी देता है। पुराने विवरण में वन प्राधिकारियों की योजना और स्वीकृत वन्यजीव प्रबंधन योजनाओं में भूमिका थी। [1][2]

आकलन प्रस्तावित और निर्मित कार्य तथा निर्माण और प्रभावी उपयोग अलग रखे। 2,150 से अधिक की संख्या निर्मित और प्रस्तावित दोनों जोड़ती है। इसलिए स्थान-विशिष्ट कार्य और निगरानी प्रमाण देखें; कुल निवेश या संरचनाओं को बहाल संपर्क और कम टक्कर का प्रमाण न मानें। [1]

महत्वपूर्ण शब्द

  • आवास खंडन: आवास क्षेत्रों का अलग होना, जिसे शमन का विषय बताया गया है। [1]
  • बाधा प्रभाव: अवसंरचना से जुड़ी वन्यजीव आवाजाही की रुकावट। [1]
  • मार्ग-अधिकार: सड़क गलियारा, जिसकी अधिकतम चौड़ाई ऐतिहासिक निर्देश में दी गई थी। [2]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. NHAI Releases Document on Wildlife Mitigation Measures & Structures
  2. NHS PASSING THROUGH FORESTS/WILDLIFE SANCTUARIES

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

बताई वन्यजीव-शमन व्यवस्था के इन संबंधों पर विचार कीजिए: 1. अंडरपास और वृक्ष-छत्र पारपथ — संरचनात्मक रास्ते। 2. मार्गदर्शक बाड़ और गति विनियमन — पारपथों के पूरक उपाय। 3. कैमरा-ट्रैप निगरानी — रास्ता देने का विकल्प नहीं, वन्यजीव उपयोग का अवलोकन। कौन-से युग्म सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (D)

तीनों युग्म संरचनात्मक व्यवस्था, पूरक उपाय और निगरानी अलग करते हैं। D सही है। A निगरानी, B संरचनात्मक रास्ते और C पूरक उपाय का सही संबंध छोड़ते हैं। ये संबंध हर स्थल पर सफल उपयोग स्थापित नहीं करते। [1]

प्रश्न 2

निम्नलिखित व्याख्याओं में से कितनी समर्थित हैं? 1. निर्मित/प्रस्तावित संयुक्त संख्या पूरे पारपथों की संख्या स्थापित करती है। 2. निवेश में संबंधित पर्यावरण सुरक्षा भी है, केवल पारपथ नहीं। 3. ऐतिहासिक परिहार निर्देश अपरिहार्य मार्ग के शमन से पहले मार्ग चयन रखते हैं।

  1. केवल दो
  2. केवल एक
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

व्याख्या 1 गलत है क्योंकि संख्या में प्रस्ताव भी हैं। व्याख्या 2 व्यय का व्यापक दायरा और 3 पुराने परिहार-प्रथम निर्देश सही बताती है। ठीक दो समर्थित हैं; B, C और D की गणना गलत है। [1][2]

प्रश्न 3

कैमरा ट्रैप एक नवनिर्मित राजमार्ग पारपथ का उपयोग करते जानवरों को दर्ज करते हैं। कथन-I: यह अवलोकन वन्यजीव उपयोग के आकलन में सहायक है, लेकिन अकेले इससे पूरे गलियारे में वन्यजीव–वाहन टक्कर घटने की पुष्टि नहीं होती। कथन-II: कैमरा ट्रैप आवाजाही के स्वरूप देखते हैं, जबकि टक्कर घटने के दावे के लिए प्रासंगिक तुलनात्मक अवधि में टक्कर की घटनाओं का प्रमाण चाहिए। कौन-सा विकल्प सही है?

  1. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता।
  2. दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।
  3. कथन-I सही है, लेकिन कथन-II गलत है।
  4. कथन-I गलत है, लेकिन कथन-II सही है।
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

दोनों कथन सही हैं और II, I की व्याख्या करता है। PIB वन्यजीव आवाजाही का आकलन और आवधिक मूल्यांकन करने के लिए कैमरा ट्रैप बताता है तथा अलग से टक्कर वाले प्रमुख स्थलों की पहचान बताता है। दर्ज पारपथ उपयोग, उपयोग का प्रमाण है; यह पूरे गलियारे में पहले और बाद की टक्करों की तुलना नहीं है। B सही है। A व्याख्यात्मक संबंध नकारता है; C आवाजाही अवलोकन और टक्कर प्रमाण का अंतर खारिज करता है; D देखे गए उपयोग को टक्कर घटने का पर्याप्त प्रमाण गलत ढंग से मानता है। यह निगरानी प्रमाण का विश्लेषणात्मक निष्कर्ष है, रिपोर्ट किया गया मूल्यांकन परिणाम नहीं। [1]