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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

ग्रामीण रोजगार में अनुमत कार्यों का विस्तार और स्थानीय परिसंपत्ति नियोजन

घटना / स्रोत की तारीख: 06 Oct 2026

GS 2: कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ; स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण। GS 3: अवसंरचना; आपदा प्रबंधन।

6 अक्टूबर की PIB व्याख्या में 375 अनुमत ग्रामीण कार्य, ग्राम सभा से स्वीकृत नियोजन और डिजिटल समन्वय बताए गए हैं। अधिसूचना की अपनी तारीख स्पष्ट नहीं है; अधिनियम पहले 1 जुलाई 2026 को लागू हुआ था। [1][2]

पहले विषय को समझें

1

ग्रामीण कार्यों की आवश्यकता

मजदूरी रोजगार तत्काल आय की जरूरत पूरी करते हुए गाँव में परिसंपत्तियाँ बना सकता है। मंत्रालय रोजगार को जल सुरक्षा, आजीविका और आपदा सहनशीलता से जोड़ना चाहता है, केवल पूरे हुए कार्यों की संख्या से नहीं। [1]

2

कार्यक्रम का अर्थ

VB–G RAM G का पूरा नाम विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। PIB के अनुसार इसका अधिनियम, 2025 पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के गारंटीकृत मजदूरी रोजगार का प्रावधान देता है। [2]

3

सत्यापित घटनाक्रम

देशव्यापी लागू होना और संशोधित मजदूरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुए। अनुमत कार्यों की व्याख्या 6 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हुई, लेकिन उसमें मूल अधिसूचना की तारीख नहीं बताई गई है। [1][2]

4

संस्थागत स्थिति

मंत्रालय के अनुसार अधिनियम के तहत अधिसूचित सूची में पहले के 266 की जगह 375 कार्य हैं। कार्य विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं से निकलेंगे, जिन्हें ग्राम सभा की स्वीकृति चाहिए। [1]

5

दायरा और सीमा

सूची पात्र कार्यों के प्रकार बताती है; इससे हर गाँव में प्रत्येक परिसंपत्ति बनने का स्वतः आश्वासन नहीं मिलता। स्थानीय जरूरतें और स्वीकृत योजनाएँ इस ढाँचे में प्रस्तावित कार्यों का निर्धारण करती हैं। [1]

6

तकनीकी शब्द

अभिसरण का अर्थ विभिन्न योजनाओं के निवेश में समन्वय है। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक वर्णित डिजिटल निगरानी व्यवस्था है, जिससे केंद्र, राज्य और स्थानीय निवेश जोड़ने तथा दोहराव रोकने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। [1]

7

वर्तमान संरचना

स्तंभों में जल सुरक्षा के 128, मुख्य अवसंरचना के 111, आजीविका अवसंरचना के 98 और आपदा तैयारी के 38 कार्य हैं। कृषि, कमजोर परिवारों, महिलाओं और युवाओं के लाभार्थी चिह्न आपस में मिल सकते हैं; इन्हें अलग पूर्ण श्रेणियाँ मानकर नहीं जोड़ना चाहिए। [1]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

पहले की मजदूरी अधिसूचना और नई कार्य-सूची ग्रामीण रोजगार के अलग पहलुओं से संबंधित हैं। मजदूरी यह तय करती है कि श्रम का भुगतान कितना होगा, जबकि अनुमत कार्य बताते हैं कि कौन-सी परिसंपत्तियाँ बनाई जा सकती हैं। पहले की अधिसूचना में PIB ने वार्षिक समायोजन के साथ अंतरिम आधार मजदूरी का उल्लेख किया था। अक्टूबर की व्याख्या परिसंपत्ति विकल्पों और नियोजन व्यवस्था पर केंद्रित है। दोनों को अक्टूबर में शुरू हुए एक ही सुधार के रूप में प्रस्तुत करने से उनका घटनाक्रम और क्रियान्वयन की अलग जिम्मेदारियाँ धुंधली होंगी। [1][2]

परिचय

विस्तारित सूची ग्रामीण कार्यों को केवल परिसंपत्ति के आकार या प्रकार के बजाय विकास के उद्देश्यों के अनुसार व्यवस्थित करती है। जल सुरक्षा में पुनर्भरण संरचनाएँ और जल चैनलों की मरम्मत हैं; मुख्य अवसंरचना में इस्तेमाल किए गए घरेलू पानी का उपचार, सामुदायिक सुविधाएँ और स्कूल ढाँचा शामिल हैं। आजीविका कार्यों में प्रसंस्करण, छँटाई, पैकेजिंग और भंडारण आते हैं। आपदा की अलग श्रेणी में सुरक्षा संरचनाएँ तथा बहाली हैं। ये अनुमत हस्तक्षेप हैं; मंत्रालय के अपेक्षित लाभ अभी भविष्य के आकलन हैं। [1]

प्रमुख मुद्दे

  • मुख्य प्रशासनिक प्रश्न राष्ट्रीय स्तर के व्यापक विकल्पों को स्थानीय जरूरत के अनुरूप चयन में बदलना है। जलभराव वाले गाँव को भूमि सुधार की जरूरत हो सकती है, जबकि दूसरे गाँव में पुनर्भरण या सिंचाई वितरण प्राथमिकता हो सकता है। ग्राम सभा की स्वीकृति बताई गई स्थानीय निर्णय व्यवस्था है। उसके बाद डिजिटल निगरानी निवेश के समन्वय में सहायक होगी; वह जरूरत, स्थान या लाभार्थियों पर स्थानीय चर्चा का स्थान नहीं लेती। [1]
  • समावेशन के कई रास्ते एक-दूसरे से जुड़ते हैं। व्यक्तिगत लाभार्थी परिसंपत्तियाँ परिवार की उत्पादक गतिविधियों को सहारा देती हैं, जबकि सामूहिक ढाँचा महिला स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों की मदद कर सकता है। युवा केंद्र और कौशल सुविधाएँ दूसरी जरूरतें पूरी करते हैं। सरकारी भवनों में सुगम्यता का भी प्रावधान है। इन चिह्नों को परस्पर अलग मानने से सूची का सामाजिक दायरा गलत समझा जाएगा। [1]

महत्व

  • यह व्यवस्था तत्काल रोजगार को उत्पादन शृंखला की विभिन्न अवस्थाओं से जोड़ती है। सफाई, छँटाई, पैकेजिंग और शीत भंडारण खेती के बाद की जरूरतों को संबोधित करते हैं; समूह कार्यशालाएँ सामूहिक गतिविधि के लिए स्थान देती हैं। जलापूर्ति ढाँचे की मरम्मत और रखरखाव का समावेश नए निर्माण से आगे की जरूरत दिखाता है। इससे ग्रामीण ढाँचा अधिक उपयोगी बनने की संभावना है, लेकिन वास्तविक उत्पादकता या आय वृद्धि का आकलन क्रियान्वयन के बाद होना चाहिए, केवल पात्रता के आधार पर नहीं। [1]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • अनुमत कार्यों की विविधता नियोजन की चुनौती बढ़ाती है: परिसंपत्ति चुनना और उसकी निरंतर उपयोगिता सुनिश्चित करना अलग बातें हैं। जल संरचनाओं, प्रसंस्करण सुविधाओं और सामुदायिक भवनों की आवश्यकताएँ अलग होती हैं। विज्ञप्ति नियोजन तथा निगरानी का ढाँचा बताती है, पूरे हुए ग्राम-स्तरीय परिणाम नहीं। इसलिए सुझाव स्वीकृत विकल्पों को उपयोगी बनाने पर केंद्रित होने चाहिए; ऐसे कर्मचारी नियम, तकनीकी मंजूरियाँ या रखरखाव दायित्व नहीं गढ़ने चाहिए जो बताए गए ढाँचे में नहीं हैं। [1]
  • आपदा तैयारी में भी स्थानीय जोखिम देखना आवश्यक है। बाढ़ आश्रय, सहारा देने वाली दीवारें और वनाग्नि उपाय अलग खतरों के लिए हैं। अलग श्रेणी से सहनशीलता की जरूरत अधिक स्पष्ट हो सकती है, लेकिन उसमें किसी कार्य को रखने मात्र से सभी चरम घटनाओं के विरुद्ध सुरक्षा सिद्ध नहीं होती। उपयोगिता इस बात पर निर्भर होगी कि हस्तक्षेप गाँव के पहचाने गए खतरे से मेल खाता है या नहीं। [1]

आगे की राह

  • ग्राम सभाओं को योजनाएँ मंजूर करने से पहले प्रतिस्पर्धी स्थानीय जरूरतों की तुलना करनी चाहिए। योजनाकारों को देखना चाहिए कि प्रस्तावित काम मौजूदा निवेश से कैसे जुड़ते हैं। डिजिटल व्यवस्था का उपयोग दोहराव पहचानने और संबंधित परिसंपत्तियों की पूरकता दिखाने में किया जाना चाहिए। ये घोषित व्यवस्था पर आधारित सुझाव हैं, अतिरिक्त अधिसूचित शर्तें नहीं। सुगम्यता और सामूहिक आजीविका की जरूरतों को स्थानीय प्राथमिकता निर्धारण में साथ रखना चाहिए। [1]

निष्कर्ष

सूची का महत्व रोजगार, स्थानीय निर्णय और टिकाऊ परिसंपत्तियों को जोड़ने में है। विस्तारित विकल्प समेकित ग्रामीण विकास की संभावना बनाते हैं। अगली वास्तविक कसौटी यह होगी कि स्थानीय रूप से स्वीकृत और समन्वित कार्य उन जरूरतों के लिए उपयोगी बनते हैं या नहीं, जिनके आधार पर उनका चयन हुआ था। [1]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • पारिवारिक रोजगार पात्रता, मजदूरी अधिसूचना और अनुमत परिसंपत्ति श्रेणियाँ अलग रखें। ये संबंधित नीतिगत पहलू हैं, लेकिन एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं। [1][2]
  • नियोजन क्रम: स्थानीय जरूरतें → विकसित ग्राम पंचायत योजना → ग्राम सभा स्वीकृति → डिजिटल निगरानी और अभिसरण। [1]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

परीक्षण कीजिए कि विस्तारित अनुमत-कार्य ढाँचा ग्रामीण मजदूरी रोजगार को समावेशी परिसंपत्ति निर्माण से कैसे जोड़ सकता है। स्थानीय जरूरत के अनुरूप नियोजन के लिए सुरक्षा उपाय सुझाइए। (10 अंक; सुझाई गई लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

विस्तारित सूची ग्रामीण मजदूरी रोजगार को जल सुरक्षा, मुख्य अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियों और आपदा तैयारी से जोड़ती है। यह पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए अधिनियम की 125 दिनों की गारंटी के साथ काम करती है; परिसंपत्ति की पात्रता और रोजगार का अधिकार अलग हैं। [1][2]

पुनर्भरण संरचनाएँ और जल चैनलों की मरम्मत स्थानीय जल जरूरतें पूरी कर सकती हैं। प्रसंस्करण, भंडारण और सामूहिक कार्यशालाएँ उत्पादन शृंखला को सहारा दे सकती हैं; आश्रय और सुरक्षा कार्य आपदा सहनशीलता जोड़ते हैं। व्यक्तिगत परिसंपत्तियाँ, महिला समूह, युवा सुविधाएँ और सुगम्यता समावेशन के परस्पर जुड़े रास्ते हैं। ये संभावित लाभ हैं, सिद्ध परिणाम नहीं। [1]

स्थानीय उपयुक्तता ग्राम सभा से स्वीकृत विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं पर निर्भर है। सुझावों में गाँव की प्रतिस्पर्धी जरूरतों की तुलना, आपदा कार्यों का पहचाने गए खतरों से मिलान, प्राथमिकता में सुगम्यता तथा मौजूदा परिसंपत्तियों से अनुकूलता शामिल हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक समन्वय और दोहराव की जाँच में सहायक होना चाहिए। मूल्यांकन में विकल्पों की संख्या के बजाय उपयोगिता और लाभार्थियों की पहुँच देखनी चाहिए। [1]

महत्वपूर्ण शब्द

  • अनुमत कार्य: कार्यक्रम की सूची में स्वीकार्य परिसंपत्ति या गतिविधि। [1]
  • अभिसरण: पूरक परिसंपत्तियों के लिए विभिन्न योजनाओं के निवेश का समन्वय। [1]
  • व्यक्तिगत लाभार्थी परिसंपत्ति: परिवार या उत्पादक को सीधे सहारा देने वाली अनुमत परिसंपत्ति। [1]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. Ministry of Rural Development Notifies 375 Permissible Works under VB–G RAM G
  2. Revised Wage Rates under VB–G RAM G Act

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

ग्रामीण कार्य ढाँचे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बताई गई नियोजन प्रक्रिया में ग्राम सभा की स्वीकृति शामिल है। 2. डिजिटल निगरानी का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के बीच अभिसरण में सहायता करना है। 3. कृषि, कमजोर परिवारों, महिलाओं और युवाओं के चिह्न सभी अनुमत कार्यों का परस्पर अलग विभाजन हैं। कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

कथन 1 सही है: योजनाओं को ग्राम सभा की स्वीकृति चाहिए। कथन 2 सही है: अवसंरचना स्टैक अभिसरण और दोहराव रोकने में सहायक है। कथन 3 गलत है: लाभार्थी चिह्न आपस में मिल सकते हैं; मुख्य संगठन चार विषयगत स्तंभों में है। इसलिए B, C और D गलत कथन 3 को शामिल करते हैं। [1]

प्रश्न 2

निम्नलिखित हस्तक्षेप–स्तंभ युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जल चैनलों की मरम्मत — जल सुरक्षा 2. शीत भंडारण — मुख्य ग्रामीण अवसंरचना 3. वनाग्नि के लिए ईंधन-अवरोधक क्षेत्र — आपदा तैयारी कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

युग्म 1 सही है। युग्म 2 गलत है क्योंकि शीत भंडारण आजीविका संबंधी अवसंरचना में है। युग्म 3 सही है क्योंकि ईंधन-अवरोधक क्षेत्र आपदा तैयारी के उपाय हैं। A, B और D गलत युग्म 2 को शामिल करते हैं। [1]

प्रश्न 3

एक गाँव में जल जीवन मिशन की मौजूदा जलापूर्ति अवसंरचना को मरम्मत चाहिए। विस्तारित अनुमत-कार्य सूची से कौन-सी व्याख्या समर्थित है?

  1. सूची नई जलापूर्ति परिसंपत्ति को शामिल करती है, जबकि मौजूदा परिसंपत्ति की मरम्मत इससे बाहर है।
  2. मौजूदा जलापूर्ति अवसंरचना की मरम्मत और रखरखाव स्पष्ट रूप से शामिल हैं।
  3. मरम्मत केवल आपदा के बाद बहाली का हिस्सा होने पर शामिल है।
  4. सूची जल चैनलों की मरम्मत शामिल करती है, लेकिन पाइप वाली जलापूर्ति अवसंरचना की मरम्मत नहीं।
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

B सही है: विज्ञप्ति जल जीवन मिशन की जलापूर्ति अवसंरचना की मरम्मत और रखरखाव स्पष्ट रूप से शामिल करती है। A सूची को गलत ढंग से नई परिसंपत्तियों तक सीमित करता है। C इस प्रावधान में नहीं बताई गई आपदा संबंधी शर्त जोड़ता है। D स्पष्ट जलापूर्ति मरम्मत प्रावधान छोड़ता है; जल चैनलों की मरम्मत एक अलग अनुमत हस्तक्षेप है। [1]