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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

धान की पराली निगरानी: CAQM का मैदान से नियंत्रण कक्ष तक तंत्र

घटना / स्रोत की तारीख: 01 Oct 2026

GS 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण; कृषि संबंधी विषय; GS 2: विकास के लिए सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप।

5 अक्टूबर की विज्ञप्ति 1 अक्टूबर–30 नवंबर के चरणबद्ध उड़नदस्ता तैनाती कार्यक्रम को समझाती है। 34 जिलों की निगरानी स्थानीय रोकथाम को दैनिक रिपोर्टिंग से जोड़ती है; इससे पराली जलने या प्रदूषण में हासिल कमी सिद्ध नहीं होती। [1]

पहले विषय को समझें

1

संबोधित समस्या

तैनाती धान की पराली जलाने की रोकथाम और निगरानी से संबंधित है। पराली कटाई के बाद बचा फसल अवशेष है; पहले की समीक्षा में उसका उपयोग रोकथाम उपायों में शामिल था। [1][2]

2

संस्थागत पक्ष

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अर्थात CAQM ने तैनाती से पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अर्थात CPCB से संवाद किया। दल जिला प्रशासन, राज्य नोडल अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं के साथ काम करते हैं।

शीर्षक में ‘नियंत्रण कक्ष’ SAS नगर के उल्लिखित CAQM प्रकोष्ठ का वर्णन है, अलग पहचानी गई सुविधा नहीं। [1]

3

परिचालन घटनाक्रम

तैयारी की पहले की समीक्षा 29 सितंबर 2026 को हुई और 30 सितंबर 2026 को रिपोर्ट हुई। तैनाती अवधि 1 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 है; वर्तमान व्याख्यात्मक रिपोर्ट 5 अक्टूबर 2026 को आई। [1][2]

4

भौगोलिक दायरा

34 जिलों में दस्ते तैनात किए गए, जिनमें पंजाब के 18 और हरियाणा के 16 जिले हैं। यह विज्ञप्ति का निर्दिष्ट दायरा है, दोनों राज्यों के प्रत्येक जिले के बारे में दावा नहीं। [1]

5

निगरानी की प्रक्रिया

दल किसानों, पराली संरक्षण बल और सार्वजनिक संस्थाओं से समन्वय करते हैं। जमीनी स्थितियों और रोकथाम कदमों की दैनिक रिपोर्ट SAS नगर स्थित CAQM प्रकोष्ठ को भेजी जाती है। [1]

6

रोकथाम की शब्दावली

पहले की समीक्षा में फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुआई और फसल अवशेष उपयोग शामिल थे। ये अलग उपाय हैं: फसल चयन बदलना, धान स्थापित करने का तरीका और अवशेष को केवल जलाने की सामग्री समझने के बजाय उपयोग में लाना। [2][3]

7

निर्देश और सीमाएँ

तैयारी समीक्षा में 15 मई 2026 के निर्देश संख्या 99 और राज्य कार्य योजनाओं पर विचार हुआ। संबंधित विज्ञप्तियाँ निगरानी तथा रोकथाम समझाती हैं, लेकिन पराली जलने या वायु प्रदूषण में हासिल कमी स्थापित नहीं करतीं। [1][2]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

वर्तमान विज्ञप्ति तैयारी और तैनाती के पहचाने जा सकने वाले क्रम का हिस्सा है। तैनाती अवधि शुरू होने से पहले तैयारी समीक्षा में राज्य कार्य योजनाओं और उल्लिखित निर्देश पर विचार हुआ। इसके बाद 5 अक्टूबर की रिपोर्ट ने 1 अक्टूबर से निर्धारित मैदानी निगरानी समझाई। इसलिए समाचार परिचालन व्यवस्था का विवरण है, रोकथाम लक्ष्य पूरे होने का प्रमाण नहीं। अवधि संस्करण की तारीख से आगे जाती है। कटऑफ पर बाद के चरण और उनके परिणाम भविष्य के विकास हैं। यह समय संबंध स्पष्ट रखने से घोषित व्यवस्था और पूर्ण कार्रवाई के बीच अंतर बना रहता है। [1][2]

परिचय

तंत्र स्थानीय अवलोकन को केंद्रीय रिपोर्टिंग स्थल से जोड़ता है। उड़नदस्ते निर्दिष्ट जिलों में काम करते हैं और जमीनी स्थिति तथा रोकथाम कदमों की दैनिक जानकारी SAS नगर के CAQM प्रकोष्ठ को देते हैं। समन्वय में किसान, पराली संरक्षण बल तथा जिला और राज्य संस्थाएँ शामिल हैं। यह संरचना महत्वपूर्ण है क्योंकि रोकथाम को अकेले किसी एक पक्ष की जिम्मेदारी नहीं बताया गया। नियमित परिचालन शृंखला के माध्यम से मैदान की जानकारी और संस्थागत प्रतिक्रिया जोड़ने का उद्देश्य है। इसलिए तैनाती के साथ सूचना का प्रवाह भी समाचार का महत्वपूर्ण पक्ष है। [1]

प्रमुख मुद्दे

  • पहले की समीक्षा निगरानी को फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुआई, अवशेष उपयोग और किसान जागरूकता जैसे उपायों के साथ रखती है। ये समस्या के अलग पहलुओं को संबोधित करते हैं; इन्हें एक प्रवर्तन साधन नहीं मानना चाहिए। किसान रोकथाम के हितधारक हैं, जबकि जिला प्रशासन, नोडल अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं की समन्वय भूमिका है। विज्ञप्ति कोई नई दंड-सूची नहीं बताती और व्यक्तिगत उल्लंघन स्थापित नहीं करती। इसलिए परिचालन निगरानी को किसी विशेष किसान के विरुद्ध निष्कर्ष या घोषित कानूनी परिणाम से अलग रखना जरूरी है। जिम्मेदारियों का वर्णन स्वयं दोष निर्धारण नहीं है। [1][2]

महत्व

  • दैनिक रिपोर्टिंग जमीनी स्थितियों और रोकथाम कार्रवाइयों को CAQM प्रकोष्ठ के सामने स्पष्ट कर सकती है। निर्धारित जिला दायरा और अवधि व्यवस्था को सामान्य अपील से अधिक ठोस बनाते हैं। इसका महत्व संस्थागत है: स्थानीय दल, राज्य समन्वय और साझा रिपोर्टिंग स्थान जुड़ते हैं। पहले की समीक्षा पराली रोकथाम को व्यापक क्षेत्र-विशिष्ट प्रदूषण नियंत्रण में भी रखती है, जिसमें वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन शामिल हैं। इससे पराली निगरानी को पूरे प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम के समान मानने से बचा जा सकता है। अलग क्षेत्रों की अलग कार्रवाइयाँ समझना सार्वजनिक मूल्यांकन को अधिक सटीक बनाता है। [1][2]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • रोकथाम के उपाय कृषि के अलग चरणों से संबंधित हैं। फसल विविधीकरण फसल चयन का विषय है, जबकि धान की सीधी बुआई धान स्थापित करने का तरीका है; दूसरे उपाय को धान की खेती छोड़ना नहीं कहना चाहिए। अवशेष उपयोग कटाई के बाद बची सामग्री संबोधित करता है। जागरूकता और सूचना गतिविधियाँ किसानों तक रोकथाम उपायों की जानकारी पहुँचाने में सहायक हैं। स्थानीय योजना पहचाने कि कौन-सा उपाय किस चरण और जरूरत से जुड़ा है। समीक्षा इन उपायों को सूचीबद्ध करती है, लेकिन तुलनात्मक प्रभाव के आँकड़े नहीं देती। उनका उल्लेख तैयारी की प्राथमिकताओं का साक्ष्य है, किसी एक उपाय से पराली जलना समाप्त होने का प्रमाण नहीं। [2][3]

आगे की राह

  • कार्यान्वयन में रिपोर्ट की गई जमीनी स्थितियों को राज्य तैयारी में पहले चर्चा किए रोकथाम उपायों से जोड़ना चाहिए। जिला समन्वय पहचान सकता है कि किसान जागरूकता, अवशेष उपयोग या अन्य सूचीबद्ध उपाय में कहाँ ध्यान चाहिए। प्रतिक्रिया केवल तैनाती संख्या तक सीमित न रहे। सार्वजनिक मूल्यांकन में निगरानी गतिविधि, रोकथाम कार्रवाई और सिद्ध परिणाम अलग हों। आगे की रिपोर्ट बताए कि मैदानी अवलोकन ने समन्वय को कैसे प्रभावित किया और कौन-से परिणाम सत्यापित हुए। ये विश्लेषणात्मक सुझाव हैं; यहाँ स्थापित परिचालन निर्देश PIB की दैनिक रिपोर्टिंग और समन्वय व्यवस्था है। [1][2]

निष्कर्ष

पहल घोषित अवधि के लिए विशिष्ट मैदानी निगरानी ढाँचा स्थापित करती है। तत्काल समाचार मूल्य समन्वय और रिपोर्टिंग में है। मूल्यांकन सत्यापित रोकथाम तथा बाद के परिणामों पर हो, साथ ही यह ध्यान रहे कि पराली नियंत्रण व्यापक प्रदूषण प्रबंधन का एक हिस्सा है। [1][2]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • तैनाती: 34 जिले, जिनमें पंजाब के 18 और हरियाणा के 16 जिले; दैनिक रिपोर्ट SAS नगर के CAQM प्रकोष्ठ को जाती है। [1]
  • तैयारी में कृषि रोकथाम और व्यापक क्षेत्र-विशिष्ट प्रदूषण नियंत्रण दोनों हैं। निर्देश की समीक्षा नई दंड व्यवस्था या व्यक्तिगत उल्लंघन स्थापित नहीं करती। [2]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

CAQM की उड़नदस्ता तैनाती मैदानी निगरानी को धान की पराली जलाने की रोकथाम से कैसे जोड़ती है? उसका संस्थागत महत्व और केवल तैनाती से सफलता आँकने की सीमाएँ स्पष्ट कीजिए। (10 अंक; सुझाई गई उत्तर लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

CAQM के उड़नदस्ते मैदानी अवलोकन को समन्वित रोकथाम से जोड़ते हैं। CPCB से संवाद के बाद 34 जिलों में दल तैनात हुए, जिनमें पंजाब के 18 और हरियाणा के 16 जिले हैं। वे किसानों, पराली संरक्षण बल, जिला प्रशासन, राज्य नोडल अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं से समन्वय करते हैं। जमीनी स्थितियों तथा रोकथाम कदमों की दैनिक रिपोर्ट SAS नगर के CAQM प्रकोष्ठ को जाती है। [1]

यह शृंखला स्थानीय परिस्थितियाँ समन्वय संस्थाओं के सामने ला सकती है। यह फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुआई, अवशेष उपयोग और किसान जागरूकता की तैयारी चर्चा की पूरक है। पराली रोकथाम व्यापक प्रदूषण नियंत्रण का एक हिस्सा है। [2]

तैनाती गतिविधि और दायरा बताती है, सफलता नहीं। दैनिक रिपोर्ट अपने आप अवशेष उपयोग या जलना रोके जाने को सिद्ध नहीं करती। आकलन में निगरानी, कार्रवाई और परिणाम अलग रखें। स्थानीय उपायों से अवलोकन जोड़कर सत्यापित परिणाम बताना बेहतर मूल्यांकन देगा। [1][2]

महत्वपूर्ण शब्द

  • उड़नदस्ता: PIB द्वारा बताई निगरानी और समन्वय के लिए तैनात मैदानी दल। [1]
  • फसल अवशेष उपयोग: समीक्षा में चर्चित रोकथाम के लिए बची फसल सामग्री को उपयोग में लाना। [2]
  • नोडल अधिकारी: परिचालन व्यवस्था में शामिल नामित राज्य-स्तरीय समन्वय पक्ष। [1]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. CAQM intensifies field-level monitoring with deployment of Flying Squads
  2. CAQM Reviews Preparedness for Stubble-Burning Prevention, Vehicular and Industrial Emission Control
  3. Measures to Reduce Methane Emissions

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित पक्ष–कार्य युग्मों पर विचार कीजिए: 1. उड़नदस्ते — जमीनी स्थितियों और रोकथाम कदमों की रिपोर्टिंग 2. SAS नगर का CAQM प्रकोष्ठ — दैनिक रिपोर्ट प्राप्त करना 3. किसान और पराली संरक्षण बल — वे हितधारक जिनसे दल समन्वय करते हैं कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

तीनों युग्म PIB के परिचालन संबंध बताते हैं: दल रिपोर्ट करते हैं, CAQM प्रकोष्ठ दैनिक रिपोर्ट पाता है और किसान तथा पराली संरक्षण बल समन्वय में शामिल हैं। A और B सही युग्म छोड़ते हैं; D सभी समर्थित संबंध नकारता है। [1]

प्रश्न 2

कथन-I: पहले की CAQM समीक्षा में पराली रोकथाम को पूरे प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम के समान नहीं मानना चाहिए। कथन-II: उस समीक्षा में वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण भी शामिल था। कौन-सा विकल्प सही है?

  1. दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. कथन-I सही है, लेकिन कथन-II गलत है
  4. कथन-I गलत है, लेकिन कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं। अन्य उत्सर्जन क्षेत्रों का शामिल होना सीधे बताता है कि पराली रोकथाम केवल एक घटक है। B समर्थित व्याख्या नकारता है; C समीक्षा का दायरा नकारता है; D एक घटक को पूरा कार्यक्रम मानता है। [2]

प्रश्न 3

एक राज्य धान की सीधी बुआई को फसल विविधीकरण में रखना चाहता है, क्योंकि दोनों CAQM की तैयारी समीक्षा में हैं। सूचीबद्ध कृषि उपायों का भेद कौन-सी व्याख्या सबसे सही रखती है?

  1. सीधी बुआई धान स्थापित करने का तरीका बदलती है; विविधीकरण धान बनाए रखते हुए स्थापना विधि बदलना है
  2. सीधी बुआई धान स्थापित करने का तरीका बदलती है; विविधीकरण फसल चयन से संबंधित है
  3. सीधी बुआई में पौधशाला तैयार करना और रोपाई बनाए रहते हैं; विविधीकरण फसल चयन से संबंधित है
  4. सीधी बुआई धान स्थापित करने का तरीका बदलती है; विविधीकरण धान की जगह केवल दूसरा अनाज लेना है
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

B धान स्थापित करने की विधि और फसल चयन का सही भेद करता है। A विविधीकरण को धान की खेती के भीतर स्थापना विधि बदलने तक सीमित करता है। C सीधी बुआई में पौधशाला तैयार करना और रोपाई बनाए रहने का गलत दावा करता है। D विविधीकरण को अनाज तक सीमित करता है, जबकि PIB की पृष्ठभूमि में मक्का के साथ दलहन, तिलहन, कपास और कृषि वानिकी भी हैं। CAQM समीक्षा इन उपायों को सूचीबद्ध करती है, लेकिन पराली जलाने के विरुद्ध उनकी तुलनात्मक प्रभावशीलता स्थापित नहीं करती। [2][3]