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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

PM-SETU: सार्वजनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण में उद्योग की भागीदारी

घटना / स्रोत की तारीख: 03 Oct 2026

GS 2: शिक्षा और मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन के मुद्दे। GS 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाने, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित मुद्दे।

3 अक्टूबर की प्रगति संबंधी विज्ञप्ति में 850 ITI की पहचान और 14 समूहों की निवेश योजनाओं को मंजूरी की सूचना है। PM-SETU का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2025 को हुआ था; वर्तमान विज्ञप्ति पहली वर्षगाँठ से पहले का कार्यान्वयन बताती है, नया शुभारंभ या पूरा परिवर्तन नहीं।[1]

पहले विषय को समझें

1

ITI उन्नयन की आवश्यकता

PM-SETU का विस्तार Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs है, अर्थात उन्नत ITI के माध्यम से कौशल और रोजगार-योग्यता का परिवर्तन। योजना उद्योग की भागीदारी से सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन करती है।

ITI व्यावसायिक प्रशिक्षण देता है; चयन और उन्नयन की पूर्णता अलग चरण हैं।[1]

2

सत्यापित कालक्रम

योजना का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2025 को हुआ। 3 अक्टूबर 2026 की PIB व्याख्या पहली वर्षगाँठ से पहले की प्रगति बताती है; मार्च 2026 की व्याख्या ने केंद्र और संबद्ध संस्थानों वाली व्यवस्था स्पष्ट की थी।[1][2]

3

सार्वजनिक संस्थागत नियंत्रण

ITI राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासनिक तथा वित्तीय नियंत्रण में बने रहते हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण मानकों का समन्वय करता है।[1]

4

केंद्र और संबद्ध संस्थान

घटक I में 1,000 सरकारी ITI का लक्ष्य है: 200 प्रमुख केंद्र और 800 संबद्ध संस्थान। घटक II पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का संवर्धन करता है; यह अलग संस्थागत घटक है।[1]

5

वित्तपोषण की जिम्मेदारी

₹60,000 करोड़ परिव्यय में केंद्र के ₹30,000 करोड़, राज्यों के ₹20,000 करोड़ और उद्योग के ₹10,000 करोड़ शामिल हैं। ये नियोजित योगदान हैं; इससे पूरा योगदान पहले ही खर्च होने की पुष्टि नहीं होती।[1]

6

उद्योग की अग्रणी भूमिका वाला निकाय

प्रस्तावित विशेष प्रयोजन निकाय, अर्थात SPV, में प्रमुख उद्योग भागीदार का 51% स्वामित्व होगा। केंद्र और राज्य का 24.5% हिस्सा होगा; यह प्रस्तावित स्वामित्व ITI के जारी सार्वजनिक नियंत्रण से अलग है।[1]

7

वर्तमान कार्यान्वयन

PIB ने 850 ITI की पहचान और ₹3,446 करोड़ से संबंधित 14 समूहों की रणनीतिक निवेश योजनाओं की मंजूरी बताई है। पहचान और योजना मंजूरी कार्यान्वयन के चरण हैं, सिद्ध रोजगार परिणाम नहीं।[1]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

3 अक्टूबर की विज्ञप्ति 4 अक्टूबर 2025 को शुरू योजना का आकलन करती है। इसका समय महत्त्वपूर्ण है: यह वर्षगाँठ से पहले की व्याख्या है, किसी प्रतिस्थापन कार्यक्रम की घोषणा नहीं। मार्च की पूर्व व्याख्या के अनुसार राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उद्योग से परामर्श करके संस्थान चुनते हैं और संयुक्त उन्नयन प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं।[1][2]

राष्ट्रीय संचालन समिति ने प्रायोगिक चरण से सभी 200 पहचाने गए ITI समूहों में देशव्यापी विस्तार को मंजूरी दी है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उद्योग की तैयारी तथा कार्यान्वयन क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं। इससे राष्ट्रीय विस्तार स्थानीय तैयारी से जुड़ता है: विस्तार का निर्णय कार्यान्वयन का दायरा बढ़ाता है, जबकि समूह योजनाएँ अलग क्षेत्रों में आवश्यक निवेश और उद्योग भागीदारी व्यवस्थित करती हैं।[1]

परिचय

योजना का मुख्य प्रश्न उद्योग की भागीदारी को प्रभावी बनाते हुए सार्वजनिक संस्थागत जिम्मेदारी बनाए रखने का है। PIB की व्यवस्था में प्रमुख और संबद्ध संस्थानों का नेटवर्क, साझा वित्तपोषण, प्रस्तावित उद्योग-बहुमत SPV और सरकारी संचालन समितियाँ शामिल हैं। प्रत्येक व्यवस्था कार्यान्वयन के अलग हिस्से को संबोधित करती है; वह सभी मौजूदा संस्थागत कार्यों का स्थान नहीं लेती।[1][2]

प्रमुख मुद्दे

  • राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उद्योग से परामर्श करके ITI चयन का नेतृत्व करते हैं। इससे चयन की जिम्मेदारी संस्थानों को नियंत्रित करने वाली सरकारों के पास रहती है और संभावित उद्योग भागीदार भी जुड़ते हैं। राष्ट्रीय संचालन समिति नीतिगत दिशा, कार्यसंबंधी मार्गदर्शन, निगरानी और सुधार देती है; राज्य समितियाँ कार्यान्वयन देखती हैं। चयन और निरीक्षण इस प्रकार अलग स्तरों पर होते हैं।[1][2]
  • प्रस्तावित SPV में प्रमुख उद्योग भागीदार का 51% स्वामित्व तथा केंद्र और राज्य का 24.5% हिस्सा है। इससे निकाय में उद्योग का बहुमत बनता है, लेकिन PIB ITI को राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासनिक तथा वित्तीय नियंत्रण में भी बताता है। SPV स्वामित्व को ITI प्रशासन का पूर्ण हस्तांतरण मानना इस अंतर को मिटा देगा।[1]

महत्व

  • प्रमुख और संबद्ध संस्थानों का मॉडल उन्नत ढाँचे, आधुनिक ट्रेड, डिजिटल शिक्षण और उद्यम संवर्धन सुविधाओं तक साझा पहुँच देता है। प्रमुख केंद्र नवाचार केंद्र, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का ढाँचा, उत्पादन इकाइयाँ और रोजगार सहायता देते हैं; संबद्ध संस्थान विद्यार्थियों को समूह के संसाधनों से जोड़ते हैं। साझा उपयोग विशेष सुविधाओं तक पहुँच बढ़ा सकता है, बिना प्रत्येक संबद्ध संस्थान में पूरा ढाँचा अलग बनाना आवश्यक माने। घटक II अलग से पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का संवर्धन करता है।[1]
  • 850 ITI की पहचान संस्थान चयन में आगे बढ़ने का संकेत है। ₹3,446 करोड़ से संबंधित 14 समूहों की निवेश योजनाओं की मंजूरी अधिक विशिष्ट नियोजन उपलब्धि है। ये आँकड़े कार्यान्वयन समझने में उपयोगी हैं, बशर्ते इन्हें पूरी तरह आधुनिक बने संस्थानों या पैदा हुए अतिरिक्त रोजगार की संख्या के रूप में प्रस्तुत न किया जाए।[1]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • अलग जिम्मेदारियों का मिलकर काम करना आवश्यक है: राज्य संस्थान नियंत्रित करते हैं, उद्योग चयन और प्रस्तावित निकाय में भाग लेता है, जबकि राष्ट्रीय निकाय दिशा तथा मानक देते हैं। संभावित चुनौती निवेश निर्णयों, प्रशिक्षण मानकों और दैनिक संस्थागत प्रशासन को मिलाए बिना उनका तालमेल बनाना है। यह विश्लेषणात्मक चिंता है, किसी बताई गई विफलता का दावा नहीं।[1][2]
  • SPV समूह विकास और संचालन का नेतृत्व करते हैं तथा स्थानीय उद्योग की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण देने के तरीके, ढाँचे और उद्योग अनुभव में हस्तक्षेप प्रस्तावित करते हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय ने शिल्पकार प्रशिक्षण योजना में 32 नए युग के पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स और हरित हाइड्रोजन शामिल हैं। राज्य इन्हें अपने ITI में अपना सकते हैं। प्रभावी उन्नयन के लिए सुविधाओं, प्रशिक्षकों और पाठ्यक्रम चयन का तालमेल चाहिए; केवल ढाँचे में निवेश पर्याप्त केंद्रबिंदु नहीं है।[1]

आगे की राह

  • निगरानी में पहचाने गए संस्थान, मंजूर समूह योजनाएँ, पूर्ण उन्नयन और बाद में देखे गए प्रशिक्षण परिणाम अलग दर्ज होने चाहिए। इससे मौजूदा निगरानी और सुधार व्यवस्था अधिक उपयोगी होगी। यह रिपोर्टिंग का सुझाव है, योजना की अतिरिक्त आधिकारिक शर्त नहीं।[1][2]
  • कार्यान्वयन समीक्षा में राज्य समितियों, राष्ट्रीय निगरानी और प्रमुख उद्योग भागीदारों के बीच कार्य समन्वय देखना चाहिए। प्रशिक्षण महानिदेशालय की मानक संबंधी भूमिका को राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के संस्थागत नियंत्रण से अलग रखना भी आवश्यक है। जिम्मेदारी का स्पष्ट निर्धारण साझा वित्तपोषण और संचालन व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ा सकता है।[1][2]

निष्कर्ष

PM-SETU का वर्तमान महत्त्व उसकी कार्यान्वयन संरचना और बताई गई नियोजन प्रगति में है। उद्योग की भागीदारी सार्वजनिक नियंत्रण और राष्ट्रीय मानकों के साथ चलती है। इसलिए सत्यापित आकलन उन्नयन की दिशा में प्रगति है; पूरा परिवर्तन और रोजगार प्रभाव अलग से स्थापित किए जाने वाले परिणाम हैं।[1][2]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • SPV स्वामित्व और ITI का प्रशासनिक नियंत्रण अलग संस्थागत संबंध हैं।[1]
  • राष्ट्रीय समिति दिशा और निगरानी देती है; राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश उद्योग से परामर्श करके चयन का नेतृत्व करते हैं।[1][2]
  • घटक I ITI नेटवर्क से और घटक II राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित है।[1]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: PM-SETU व्यावसायिक प्रशिक्षण में उद्योग की भागीदारी और सार्वजनिक जिम्मेदारी को कैसे जोड़ता है? कार्यान्वयन प्रगति के मूल्यांकन का उपयुक्त ढाँचा सुझाइए। (10 अंक; सुझाई गई उत्तर-लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

PM-SETU सभी कार्य एक संस्थान को देने के बजाय उद्योग की भागीदारी को सार्वजनिक जिम्मेदारियों से जोड़ता है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उद्योग से परामर्श करके ITI चुनते हैं तथा प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण बनाए रखते हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय राष्ट्रीय मानकों का समन्वय करता है।[1][2]

प्रस्तावित SPV में प्रमुख उद्योग भागीदार का 51% तथा केंद्र और राज्य का 24.5% स्वामित्व है। साझा वित्तपोषण और प्रमुख-संबद्ध संस्थानों का नेटवर्क उन्नयन में सहायक हैं। राष्ट्रीय समिति दिशा, निगरानी और सुधार देती है; राज्य समितियाँ कार्यान्वयन देखती हैं।[1][2]

मूल्यांकन में चयन, निवेश योजना की मंजूरी, पूरा उन्नयन और बाद के प्रशिक्षण अथवा रोजगार परिणाम अलग होने चाहिए। संस्थानों की पहचान और मंजूर योजनाएँ नियोजन प्रगति बताती हैं, पूरा परिवर्तन नहीं।[1]

उपयोगी ढाँचा प्रत्येक चरण की जिम्मेदारी स्पष्ट करे, घटक II अलग देखे और उद्योग-सरकार समन्वय जाँचे। इससे SPV स्वामित्व को सार्वजनिक नियंत्रण से मिलाए बिना जवाबदेही मजबूत हो सकती है।[1][2]

महत्वपूर्ण शब्द

  • ITI: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, व्यावसायिक प्रशिक्षण देने वाला संस्थान।[1]
  • SPV: विशेष प्रयोजन निकाय, योजना में प्रस्तावित उद्योग-संबद्ध संचालन इकाई।[1]
  • प्रमुख और संबद्ध संस्थान: केंद्रीय भूमिका वाले संस्थानों से जुड़े अन्य संस्थानों का नेटवर्क।[1]
  • रणनीतिक निवेश योजना: योजना में समूह स्तर पर निवेश की तैयारी का साधन।[1]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. PM-SETU: One Year of Transforming India’s ITIs
  2. The Hub and Spoke Model under PM-SETU

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

PM-SETU की संस्थागत जिम्मेदारियों पर विचार कीजिए: 1. राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उद्योग से परामर्श करके ITI चयन का नेतृत्व करते हैं। 2. प्रशिक्षण महानिदेशालय राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण मानकों का समन्वय करता है। 3. प्रस्तावित उद्योग-बहुमत SPV का अर्थ है कि ITI राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासनिक तथा वित्तीय नियंत्रण में नहीं रहते। कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. तीनों
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

कथन 1 और 2 चयन तथा मानकों की जिम्मेदारियाँ सही बताते हैं।[1] कथन 3 प्रस्तावित SPV स्वामित्व को ITI नियंत्रण के हस्तांतरण से गलत ढंग से जोड़ता है; PIB राज्य और केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासनिक तथा वित्तीय नियंत्रण बनाए रखता है। केवल दो कथन सही हैं; A, C और D गलत हैं।

प्रश्न 2

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय संचालन समिति — नीतिगत दिशा और सुधार 2. राज्य संचालन समितियाँ — कार्यान्वयन का निरीक्षण 3. घटक II — राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का संवर्धन कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (D)

युग्म 1 राष्ट्रीय दिशा और सुधार तथा युग्म 2 राज्य स्तर के कार्यान्वयन निरीक्षण से मेल खाता है।[2] युग्म 3 अलग राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान घटक बताता है।[1] सभी सही हैं। A युग्म 3, B युग्म 1 और C युग्म 2 छोड़ता है।

प्रश्न 3

कथन-I: संबद्ध ITI प्रत्येक उन्नत सुविधा अपने परिसर में अलग रखे बिना समूह के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण संसाधनों तक पहुँच प्राप्त कर सकता है। कथन-II: प्रमुख और संबद्ध संस्थानों का मॉडल उन्नत ढाँचे, डिजिटल शिक्षण और उद्यम संवर्धन सुविधाओं तक साझा पहुँच देता है; प्रमुख केंद्र प्रशिक्षक प्रशिक्षण और रोजगार सहायता के संसाधन देते हैं। कौन-सा विकल्प सही है?

  1. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  2. कथन-I सही है, लेकिन कथन-II गलत है
  3. दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  4. कथन-I गलत है, लेकिन कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

दोनों कथन सही हैं। PIB साझा सुविधाएँ और विद्यार्थियों को समूह के संसाधनों से जोड़ने वाले संबद्ध संस्थान बताता है।[1] संसाधन साझा करने का यह तरीका कथन-I की व्याख्या करता है, इसलिए C सही है। A व्याख्यात्मक संबंध नकारता है; B समर्थित साझा व्यवस्था गलत कहता है; D पहुँच संबंधी निष्कर्ष गलत कहता है।

प्रश्न 4

PM-SETU की कार्यान्वयन समीक्षा में ITI की पहचान और रणनीतिक निवेश योजनाओं की मंजूरी दर्ज है। इन उपलब्धियों से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक समर्थित है?

  1. मंजूर निवेश राशि पूरे उन्नयन पर पहले ही हुए खर्च को मापती है
  2. पहचान से स्थापित होता है कि चुने गए संस्थानों ने सभी प्रस्तावित नए युग के पाठ्यक्रम पढ़ाना शुरू कर दिया है
  3. निवेश योजना की मंजूरी स्वीकृत समूहों के प्रशिक्षार्थियों के बेहतर रोजगार परिणाम स्थापित करती है
  4. चयन और निवेश नियोजन आगे बढ़े हैं; पूरे उन्नयन तथा रोजगार परिणामों के लिए अलग प्रमाण चाहिए
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (D)

D कार्यान्वयन के चरण सही अलग करता है। PIB ITI की पहचान और समूह निवेश योजनाओं की मंजूरी बताता है; इससे चयन तथा नियोजन की प्रगति स्थापित होती है।[1] A मंजूर निवेश को खर्च और पूरे उन्नयन के समान मानता है। B पहचान से वास्तविक पाठ्यक्रम संचालन निकालता है। C योजना मंजूरी से रोजगार परिणाम निकालता है। बताई गई उपलब्धियाँ इनमें से कोई अगला परिणाम स्थापित नहीं करतीं।