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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

जन योजना अभियान: ग्राम प्राथमिकताओं को पंचायत बजट से जोड़ना

घटना / स्रोत की तारीख: 02 Oct 2026

GS 2: स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण तथा उसकी चुनौतियाँ; विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे।

PIB ने 1 अक्टूबर की अग्रिम घोषणा के बाद 2 अक्टूबर को जन योजना अभियान शुरू होने की जानकारी दी। योजनाएँ 2027-28 के लिए हैं; 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ निर्धारित थीं, उनके पूर्ण होने की स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई। [1][3]

पहले विषय को समझें

1

सहभागी नियोजन की आवश्यकता

स्थानीय नियोजन में लोगों की जरूरतों को उपलब्ध संसाधनों से जोड़ना आवश्यक है। ग्राम सभा की चर्चा योजनाओं में प्राथमिकताएँ शामिल करने से पहले सेवा संबंधी कमियों और अधूरे कार्यों को पहचान सकती है। [2][3]

2

अभियान का अर्थ

जन योजना अभियान सहभागी पंचायत विकास योजनाओं में सहायता करता है। ग्राम, प्रखंड और जिला पंचायतें अपने स्तर पर योजनाएँ बनाती हैं; गाँव की चर्चा अन्य स्तरों के नियोजन का स्थान नहीं लेती। [2]

3

प्रमाणित घटनाक्रम

अभियान 2 अक्टूबर 2018 को शुरू हुआ था। 1 अक्टूबर की अग्रिम विज्ञप्ति ने 2026-27 अभियान की घोषणा की, जबकि 2 अक्टूबर की विज्ञप्ति ने 2027-28 की योजनाएँ बनाने के लिए इसकी शुरुआत की जानकारी दी। [1][2][3]

4

संस्थागत आधार

PIB आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए पंचायत नियोजन के संदर्भ में अनुच्छेद 243G समझाता है। अभियान स्थानीय शासन की नियोजन प्रक्रिया है; सहभागिता मात्र से संसाधनों या कार्यान्वयन शक्तियों का हस्तांतरण सिद्ध नहीं होता। [2]

5

दायित्व और सीमाएँ

बताया गया ढाँचा स्थानीय नियोजन से 21 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को जोड़ता है। संबंधित पोर्टलों पर 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ निर्धारित थीं; निर्धारण, प्रमाणित आयोजन और कार्यान्वयन अलग स्थितियाँ हैं। [1]

6

शब्द और वर्तमान साधन

स्वयं के स्रोतों से राजस्व का अर्थ स्थानीय संस्था द्वारा स्वयं जुटाया गया राजस्व है। ई-ग्रामस्वराज नियोजन, ऑडिटऑनलाइन लेखापरीक्षा संबंधी जवाबदेही और पंचायत उन्नति सूचकांक विकास के आकलन में सहायता करते हैं; इनके कार्य पूरक हैं। [1][3]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

2 अक्टूबर की विज्ञप्ति अभियान को नियोजन, क्षमता निर्माण, वित्त और जवाबदेही के व्यापक शासन ढाँचे में रखती है। इसका तत्काल कार्य अगले वित्तीय वर्ष के लिए पंचायत विकास योजनाएँ तैयार करना है। अग्रिम घोषणा में अपेक्षित शुरुआत और योजनाओं की समीक्षा का एजेंडा पहले बताया जा चुका था। इसलिए वर्तमान विकास नियोजन प्रक्रिया की सूचित शुरुआत है, ग्राम सभाओं में चर्चा किए जाने वाले प्रत्येक कार्यक्रम की पहली घोषणा नहीं। यह अंतर अभियान के घटनाक्रम को सही ढंग से समझने में आवश्यक है। [1][3]

परिचय

सहभागी नियोजन तभी उपयोगी होता है जब निवासियों की प्राथमिकताएँ परियोजनाओं और संसाधनों से जुड़े निर्णयों को प्रभावित करें। पहले के PIB विवरण में अधूरे कार्यों की समीक्षा, वित्तीय जानकारी का सार्वजनिक प्रकटीकरण और स्थानीय जरूरतों पर विचार शामिल है। स्वयं सहायता समूह ग्राम समृद्धि और लचीलापन योजनाओं के माध्यम से योगदान करते हैं। स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य विषय प्राथमिकताओं को व्यवस्थित करते हैं। इस प्रकार सामुदायिक जानकारी प्रशासनिक नियोजन से जुड़ती है, लेकिन परामर्श वित्तीय परीक्षण का विकल्प नहीं बनता। [2]

प्रमुख मुद्दे

  • मुख्य प्रश्न माँग, संस्थागत जिम्मेदारी और वित्तपोषण के संबंध का है। ग्राम सभा किसी सेवा की कमी पहचान सकती है, लेकिन संबंधित पंचायत को उसे कार्यान्वयन योग्य योजना में बदलना और उपयुक्त वित्त स्रोत खोजना होगा। बताए गए ढाँचे में वित्त आयोग अनुदान, स्वयं के स्रोतों से राजस्व और मौजूदा योजनाएँ शामिल हैं। अभिसरण का अर्थ इन संसाधनों और जिम्मेदारियों का समन्वय है। किसी पुराने कार्यक्रम पर चर्चा होने को नई योजना का शुभारंभ मानना गलत होगा। स्थानीय प्राथमिकता और उपलब्ध साधनों का मेल आवश्यक है। [1][3]

महत्व

  • अभियान निवासियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, सामुदायिक संगठनों और विभागों को विकास प्राथमिकताओं की समीक्षा का साझा अवसर देता है। महिलाओं की सहभागिता और स्वयं सहायता समूहों की योजनाएँ ऐसी जरूरतें सामने ला सकती हैं जो केवल प्रशासनिक रिपोर्टों में स्पष्ट न हों। वित्त और अधूरे कार्यों का सार्वजनिक विवरण चयन को अधिक समझने योग्य बना सकता है। ये PIB द्वारा वर्णित संस्थागत अवसर हैं। इससे समान सहभागिता पहले ही स्थापित होने या प्रत्येक चुनी गई परियोजना के निश्चित रूप से पूरा होने का दावा नहीं किया जा सकता। [2]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • वित्तीय चुनौती नई माँगों और मौजूदा प्रतिबद्धताओं का मेल बैठाने की है। अधूरे कार्यों की समीक्षा बताती है कि पहले के आवंटन कहाँ पूर्ण परिसंपत्ति में नहीं बदले हैं। वित्तीय जानकारी सार्वजनिक होने से निवासी इन प्रतिबद्धताओं की तुलना नए प्रस्तावों से कर सकते हैं। वित्त आयोग अनुदान, स्वयं के स्रोतों से राजस्व और विभागीय योजनाओं पर साथ विचार हो, लेकिन उनकी अलग जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रहें। नियोजन और लेखापरीक्षा अभिलेखों में एक ही कार्य को प्राथमिकता चयन से व्यय तथा समीक्षा तक पहचानना संभव होना चाहिए। इससे नई माँगों पर चर्चा पहले से जारी काम की वास्तविक स्थिति से जुड़ सकती है। [1][2][3]

आगे की राह

  • पंचायतों को वर्णित पद्धति के अनुसार नए प्रस्ताव जोड़ने से पहले अधूरे कार्यों की समीक्षा, उपलब्ध वित्त का प्रकटीकरण और प्राथमिकता चयन के कारण दर्ज करने चाहिए। स्वयं सहायता समूहों के सुझाव उपयुक्त नियोजन स्तर से जुड़ने चाहिए। विभाग योजनाओं की जिम्मेदारियाँ और व्यावहारिक संसाधन संयोजन स्पष्ट कर सकते हैं। नियोजन तथा लेखापरीक्षा साधनों से संगत अभिलेख बनना उपयोगी होगा। ये सुझाव बताए गए ढाँचे पर आधारित हैं; उनकी प्रभावशीलता केवल पोर्टल प्रविष्टियों के बजाय निर्णय, व्यय और सेवा वितरण से जाँची जानी चाहिए। [1][2][3]

निष्कर्ष

अभियान का महत्त्व सार्वजनिक विचार-विमर्श को यथार्थवादी योजनाओं और जवाबदेह कार्यान्वयन से जोड़ने में है। सामुदायिक सुझाव प्राथमिकताएँ पहचानते हैं; पंचायत संस्थाएँ उन्हें उपयुक्त स्तर पर व्यवस्थित करती हैं; विभाग और वित्तीय साधन संसाधनों का संदर्भ देते हैं। सार्वजनिक जानकारी, नियोजन अभिलेख और लेखापरीक्षा संबंधी समीक्षा परियोजना चक्र में इन भूमिकाओं को जोड़ते हैं। बताई गई शुरुआत और निर्धारित बैठकें इस प्रक्रिया का अवसर बनाती हैं। मूल्यांकन केवल बैठक संख्या पर आधारित होने के बजाय यह देखे कि वित्तपोषण, कार्यान्वयन और समीक्षा में स्थानीय प्राथमिकताएँ पहचानने योग्य बनी रहती हैं या नहीं। समुदाय के लिए इस संबंध को समझना भी जवाबदेही का हिस्सा है। [1][2][3]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • ग्राम सभा की चर्चा और ग्राम, प्रखंड तथा जिला पंचायतों द्वारा योजना निर्माण में अंतर समझें। [2]
  • नियोजन, क्षमता निर्माण, विकास आकलन, राजस्व जुटाने और लेखापरीक्षा संबंधी कार्यों को अलग समझें। [1][3]
  • निर्धारित बैठक, स्वीकृत योजना और कार्यान्वित परियोजना अलग प्रशासनिक चरण हैं। [1][3]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

सहभागी पंचायत नियोजन सामुदायिक प्राथमिकताओं को वित्तीय जवाबदेही से कैसे जोड़ सकता है? सामुदायिक सुझावों, संसाधन अभिसरण और संस्थागत अनुवर्ती कार्रवाई की भूमिकाओं पर चर्चा कीजिए। (10 अंक; सुझाई गई लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

जब परामर्श दर्ज किए गए निर्णयों को प्रभावित करे, तब सहभागी पंचायत नियोजन स्थानीय जानकारी को सार्वजनिक व्यय से जोड़ सकता है। PIB ग्राम सभा द्वारा सेवा कमियों और अधूरे कार्यों की समीक्षा, वित्तीय प्रकटीकरण तथा स्वयं सहायता समूहों की ग्राम समृद्धि और लचीलापन योजनाओं के समावेश का वर्णन करता है। ये सुझाव विभागीय रिपोर्टों से आगे प्राथमिकताएँ पहचान सकते हैं। [2][3]

संसाधन अभिसरण के लिए प्राथमिकताओं को जिम्मेदार संस्था, उपलब्ध अनुदानों, स्वयं के स्रोतों से राजस्व और संबंधित मौजूदा योजनाओं से जोड़ना आवश्यक है। ग्राम, प्रखंड और जिला पंचायतें अपने स्तर पर योजनाएँ बनाती हैं। ई-ग्रामस्वराज, क्षमता निर्माण और ऑडिटऑनलाइन पूरक सहायता देते हैं। [1][2][3]

अनुवर्ती कार्रवाई में चुनी गई प्राथमिकताएँ, स्थगन के कारण, वित्तपोषण और प्रगति दर्ज होनी चाहिए। महिलाओं की सहभागिता चर्चा को प्रभावित करे। निर्धारित बैठक-सूची इच्छित पहुँच बताती है, योजनाओं का पूर्ण कार्यान्वयन नहीं। मूल्यांकन सामुदायिक सुझावों, वित्तपोषित योजनाओं और समीक्षित व्यय के संबंध पर आधारित हो तथा परामर्श, स्वीकृति और कार्यान्वयन अलग समझे जाएँ। [1][2]

महत्वपूर्ण शब्द

  • अभिसरण: विभिन्न कार्यक्रमों के संसाधनों और जिम्मेदारियों का समन्वय। [3]
  • स्वयं के स्रोतों से राजस्व: स्थानीय संस्था द्वारा स्वयं जुटाया गया राजस्व। [1]
  • सहभागी नियोजन: सामुदायिक विचार-विमर्श से प्रभावित विकास नियोजन। [2]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. 2.42 Lakh Special Gram Sabhas Across India Put Citizen-Centric Initiatives at the Heart of Grassroots Discussions on Gandhi Jayanti
  2. People’s Plan Campaign: Strengthening Grassroot Governance, Fostering Inclusive Growth
  3. Special Gram Sabhas across India to Mark 2nd October; Launch People’s Plan Campaign 2026-27

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

एक ग्राम सभा पेयजल की ऐसी कमी पहचानती है जिसके समाधान में विभागीय योजनाओं का समन्वय आवश्यक है। अभियान के समग्र सरकारी दृष्टिकोण के अनुसार अगला सबसे उपयुक्त कदम क्या होगा?

  1. स्थानीय प्राथमिकता को पंचायत नियोजन में शामिल करते हुए संबंधित विभाग से योजना सहायता और जिम्मेदारियाँ स्पष्ट कराना
  2. पहले पंचायत योजना पूरी करना और केवल कार्यान्वयन के समय विभागीय सुझाव लेना
  3. प्रस्ताव विभाग को भेजना और उसके योजना आवंटन को पंचायत की वित्तपोषण प्रतिबद्धता दर्ज करना
  4. विभागीय अधिकारियों की भागीदारी को प्रस्तावित कार्य की वित्तीय स्वीकृति मानना
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

A नागरिक प्राथमिकताओं को विभागीय जिम्मेदारियों और व्यावहारिक योजना सहायता से जोड़ता है, जैसा अभियान में अपेक्षित है। B नियोजन के समय आवश्यक समन्वय टालता है। C मान लेता है कि विभागीय आवंटन उस विशेष कार्य की प्रतिबद्धता है। D सहभागिता को वित्तीय स्वीकृति समझता है। बताया गया ढाँचा समन्वित नियोजन का समर्थन करता है, स्वतः स्वीकृति का नहीं। [1][3]

प्रश्न 2

PIB के ढाँचे में संस्था और नियोजन जिम्मेदारी के इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ग्राम पंचायत — ग्राम पंचायत विकास योजना 2. प्रखंड पंचायत — जिला पंचायत विकास योजना 3. स्वयं सहायता समूह संघ — ग्राम समृद्धि और लचीलापन योजनाएँ कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

युग्म 1 और 3 सही हैं। युग्म 2 गलत है: प्रखंड पंचायतें प्रखंड पंचायत विकास योजनाएँ बनाती हैं, जबकि जिला पंचायतें जिला पंचायत विकास योजनाएँ बनाती हैं। इसलिए B सही है; A संख्या कम बताता है, C गलत नियोजन स्तर शामिल करता है और D सही संस्थागत जिम्मेदारियाँ नकारता है। [2]

प्रश्न 3

कथन-I: अधूरे कार्यों की समीक्षा और वित्तीय प्रकटीकरण पंचायत प्राथमिकताओं के चयन का आधार बेहतर बना सकते हैं। कथन-II: इन प्रक्रियाओं से सहभागी नियोजन में मौजूदा प्रतिबद्धताएँ और संसाधन सीमाएँ स्पष्ट होती हैं। कौन-सा विकल्प सही है?

  1. दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. कथन-I सही है, लेकिन कथन-II गलत है
  4. कथन-I गलत है, लेकिन कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

दोनों कथन PIB के समीक्षा और प्रकटीकरण ढाँचे से समर्थित हैं। प्रतिबद्धताओं और वित्त की जानकारी स्पष्ट होना समझाता है कि चर्चा अधिक सूचित क्यों हो सकती है। B इस संबंध की उपेक्षा करता है; C प्रक्रिया को गलत ढंग से नकारता है; D समर्थित नियोजन लाभ को नकारता है। यह संभावित संस्थागत लाभ है, हर स्थान पर मापा गया सुधार नहीं। [2]

प्रश्न 4

एक पंचायत पंचायत उन्नति सूचकांक से विकास की कमियाँ दर्ज करती है, लेकिन प्रतिनिधियों को उन्हें व्यावहारिक प्रस्तावों में बदलने के लिए प्रशिक्षण चाहिए। बताए गए ढाँचे में कौन-सा संयोजन इन दो अलग जरूरतों को सीधे संबोधित करता है?

  1. कमियों के आकलन के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक और क्षमता निर्माण के लिए ई-ग्रामस्वराज
  2. कमियों के आकलन के लिए ई-ग्रामस्वराज और क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA)
  3. कमियों के आकलन के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक और क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA)
  4. कमियों के आकलन के लिए ऑडिटऑनलाइन और क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA)
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

C विकास की कमियों के आकलन को पंचायत उन्नति सूचकांक और प्रशिक्षण को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) से सही जोड़ता है। A आकलन साधन सही रखता है, लेकिन नियोजन पोर्टल को क्षमता निर्माण का कार्य देता है। B विकास सूचकांक की जगह नियोजन पोर्टल रखता है। D विकास आकलन की जगह लेखापरीक्षा संबंधी साधन रखता है। नियोजन अभिलेख और लेखापरीक्षा निष्कर्ष चर्चा में उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इन साधनों के बताए कार्य अलग हैं। [1][3]