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B.S.H.S SCHOOL · UPSC EDITORIAL ANALYSIS

अध्ययन संग्रह — यह पुरानी घटना पर आधारित विश्लेषण है, आज की खबर नहीं।

बक्सा में बाघ पुनर्बहाली: दीर्घकालीन पारिस्थितिक कार्यक्रम का एक चरण

घटना / स्रोत की तारीख: 02 Oct 2026

GS 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण; विज्ञान और प्रौद्योगिकी—विकास तथा उनके अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर प्रभाव।

वाल्मीकि बाघ अभयारण्य से लाई गई बाघिन को 2 अक्टूबर को बक्सा में छोड़ा गया। परियोजना इससे पहले से चल रही है और आगे संख्या बढ़ाना पारिस्थितिक तैयारी तथा विशेषज्ञ सलाह पर निर्भर है; एक बाघिन छोड़ना सक्षम प्रजनन आबादी की स्थापना से अलग है। [1]

पहले विषय को समझें

1

पुनर्बहाली की तैयारी क्यों आवश्यक है

बाघ पुनर्बहाली कार्यक्रम के लिए उपयुक्त आवास, शिकार जीव और संरक्षण चाहिए, केवल स्थानांतरण हेतु उपलब्ध पशु नहीं। PIB का ढाँचा इन स्थितियों को निगरानी और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ता है। [1][2]

2

स्थानांतरण का अर्थ

स्थानांतरण का अर्थ किसी पशु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना है। वर्तमान मामले में वाल्मीकि बाघ अभयारण्य की बाघिन को बक्सा बाघ अभयारण्य में छोड़ा गया। [1]

3

प्रमाणित घटनाक्रम

बक्सा पुनर्बहाली परियोजना 2018 से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से चल रही है। जून की कार्यशाला में 2 अक्टूबर को बाघिन को प्रकृति में छोड़ने से पहले बक्सा की तैयारी पर चर्चा हुई थी। [1][2]

4

संस्थागत ढाँचा

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्यजीव संस्थान बताए गए पुनर्बहाली कार्य में सहयोग देते हैं। कार्यशाला ने बाघों की कमी वाले क्षेत्रों में संख्या बढ़ाने का वैज्ञानिक ढाँचा चर्चा में रखा; सिफारिशें भविष्य की पुनर्बहाली का मार्गदर्शन करने के लिए थीं। [1][2]

5

पारिस्थितिक तैयारी और सीमाएँ

PIB के अनुसार 800 से अधिक चीतल छोड़े गए और लगभग 380 हेक्टेयर घासभूमि बहाल या परिवर्तित की गई। ये तैयारी के बताए गए उपाय हैं, स्वयं कायम रहने वाली बाघ आबादी बन जाने का स्वतंत्र प्रमाण नहीं। [1]

6

निगरानी और वर्तमान शर्तें

टेलीमेट्री प्रसारित संकेतों से पशु का पता लगाती है; PIB का पहले का प्रौद्योगिकी विवरण यह प्रक्रिया समझाता है। बक्सा में टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप और क्षेत्रीय अवलोकन संयुक्त रूप से उपयोग होते हैं।

आगे संख्या बढ़ाना पारिस्थितिक तैयारी और विशेषज्ञ सलाह पर निर्भर है तथा 64 स्थानीय समितियाँ सहभागिता का माध्यम हैं। [1][3]

संदर्भ: यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है

बाघिन को प्रकृति में छोड़ना लंबे पुनर्बहाली प्रयास का वर्तमान चरण है। शिकार जीवों और घासभूमि पर पहले हुए कार्य ने भू-दृश्य की तैयारी की, जबकि राष्ट्रीय कार्यशाला में बक्सा की तैयारी पर पहले ही विचार हो चुका था। यह घटनाक्रम प्रकृति में छोड़ने को परियोजना की शुरुआत समझने से रोकता है। कार्यशाला ने पुनर्प्रवेश को आवास बहाली, संपर्क, संरक्षण और सक्रिय प्रबंधन के व्यापक प्रश्नों से भी जोड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि पशु का स्थानांतरण संरक्षण पुनर्बहाली का केवल एक घटक है, पूरा कार्यक्रम नहीं। [1][2]

परिचय

PIB के अनुसार बक्सा की पुनर्बहाली आवास क्षरण, विखंडन, भूमि उपयोग परिवर्तन और शिकार जीवों की कमी का समाधान करती है। भूटान और असम से इसके संपर्क के कारण अभयारण्य के भीतर की स्थितियों के साथ व्यापक भू-दृश्य की निरंतरता भी प्रासंगिक है। आवास बहाली और शिकार जीवों की वृद्धि अलग पारिस्थितिक आवश्यकताओं को मजबूत करती हैं; संपर्क पड़ोसी भू-दृश्यों के बीच आवाजाही में सहायता करता है। स्थानांतरण से पहले पारिस्थितिक, पशुचिकित्सकीय और प्रबंधन पहलुओं का आकलन हुआ। इससे प्राप्तकर्ता क्षेत्र की तैयारी, पशु की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था जुड़ती हैं; केवल बाघिन उपलब्ध होना स्थानांतरण का एकमात्र आधार नहीं बनता। [1][2]

प्रमुख मुद्दे

  • उपस्थिति, आवाजाही और आबादी की स्थापना के प्रमाण अलग हैं। PIB कैमरा ट्रैप से बाघों की आवाजाही का प्रमाण बताता है, जिसमें पहले दर्ज एक पशु का मानस से मिलान शामिल है। ऐसे अवलोकन आवाजाही दिखाते हैं, लेकिन स्थानीय प्रजनन आबादी स्थापित नहीं करते। इसी तरह बाघिन को प्रकृति में छोड़ना पूर्ण हस्तक्षेप है, उसका दीर्घकालीन परिणाम नहीं। आगे संख्या बढ़ाना पारिस्थितिक तैयारी और विशेषज्ञ सलाह पर निर्भर है। इसलिए वर्तमान घोषणा से अतिरिक्त बाघों को प्रकृति में छोड़ने की संख्या या समय का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए। [1]

महत्व

  • कार्यक्रम आवास तैयारी को प्रकृति में छोड़ने के बाद निगरानी से जोड़ता है, संरक्षण को केवल औपचारिक स्थानांतरण नहीं मानता। टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप और क्षेत्रीय अवलोकन छोड़े गए पशु तथा भू-दृश्य उपयोग के बारे में पूरक जानकारी दे सकते हैं। सामुदायिक समितियाँ स्थानीय सहभागिता का संस्थागत माध्यम हैं। कार्यशाला में अनुकूलनीय प्रबंधन पर जोर प्रासंगिक है, क्योंकि निगरानी प्रमाण के अनुसार पुनर्बहाली निर्णय बदले जा सकते हैं। ये प्रक्रियाएँ संभावित सहायता देती हैं, लेकिन प्रकृति में छोड़ना उनकी अंतिम प्रभावशीलता सिद्ध नहीं करता और सभी पारिस्थितिक तथा सामाजिक चिंताएँ समाप्त नहीं करता। [1][2]

चुनौतियाँ और संतुलित विश्लेषण

  • पुनर्बहाली के लिए भू-दृश्य के आसपास सहअस्तित्व की व्यवस्था भी चाहिए। 64 पारिस्थितिकी विकास समितियाँ/संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ सामुदायिक संवाद, आजीविका अवसर, मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने और संरक्षण से जुड़े लाभों पर कार्य करती हैं। ये कार्य सहभागिता को स्थानीय लोगों की व्यावहारिक चिंताओं से जोड़ते हैं। प्रबंधक सामुदायिक जानकारी को प्रकृति में छोड़ने के बाद आवाजाही, अनुकूलन, स्वास्थ्य और व्यवहार के अवलोकनों से जोड़ें। कैमरा अभिलेख और संघर्ष की सूचना अलग प्रबंधन प्रश्नों के उत्तर देते हैं। दोनों को साथ उपयोग करने से पहचानने में सहायता मिल सकती है कि संरक्षण, आवास कार्य या समुदाय से संवाद में कहाँ बदलाव आवश्यक है। [1][2]

आगे की राह

  • प्रबंधकों को टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप और क्षेत्रीय अवलोकन के संयुक्त उपयोग से प्रकृति में छोड़ने के बाद की स्थितियाँ जाँचनी चाहिए। आगे संख्या बढ़ाना बताई गई तैयारी और विशेषज्ञ सलाह की शर्त के अनुसार हो तथा शिकार जीव, आवास, संपर्क और संरक्षण का आकलन किया जाए। स्थानीय समितियाँ अवलोकन और चिंताएँ प्रबंधकों तक पहुँचाने का लगातार माध्यम बन सकती हैं। ये वर्णित ढाँचे के भीतर सुझाव हैं, अतिरिक्त हस्तक्षेप पूरे होने के दावे नहीं। अनुकूलनीय प्रबंधन प्रारंभिक रूप से प्रकृति में छोड़ने को हर भावी कदम का प्रमाण मानने के बजाय कार्रवाई को प्रमाण के अनुसार बदलता है। [1][2]

निष्कर्ष

बक्सा का वर्तमान विकास स्थापित पुनर्बहाली कार्यक्रम में बाघिन को प्रकृति में छोड़ने का पूर्ण चरण है। इसका संरक्षण महत्त्व पारिस्थितिक तैयारी, वैज्ञानिक अवलोकन और परिस्थिति के अनुसार प्रबंधन के संबंध में है। पहले की कार्यशाला संबंधित प्रक्रियाएँ समझाती है, जबकि वर्तमान विज्ञप्ति स्थल-विशिष्ट तैयारी और शर्तयुक्त भावी कार्रवाई बताती है। इसलिए मूल्यांकन प्रकृति में छोड़ने से निगरानी द्वारा समझे गए जीवित रहने और संभावित आबादी पुनर्बहाली तक की प्रक्रिया देखे। उत्साहजनक हस्तक्षेप या आवाजाही के प्रमाण को स्वयं कायम रहने वाली प्रजनन आबादी का प्रदर्शित परिणाम न माना जाए। [1][2]

प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्य

  • स्थानांतरण, आवाजाही का प्रमाण और प्रजनन आबादी की स्थापना अलग अवधारणाएँ हैं। [1]
  • टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप और क्षेत्रीय अवलोकन पूरक निगरानी विधियाँ हैं। [1]
  • अनुकूलनीय प्रबंधन निगरानी प्रमाण को आगे की कार्रवाई में बदलाव से जोड़ता है। [2]

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

समझाइए कि बाघ पुनर्प्रवेश के लिए भू-दृश्य तैयारी और अनुकूलनीय प्रबंधन क्यों आवश्यक हैं। बक्सा के बताए गए हस्तक्षेप के आधार पर प्रकृति में छोड़ने के पूर्ण चरण और आबादी पुनर्बहाली के प्रमाण में अंतर कीजिए। (10 अंक; सुझाई गई लंबाई: 150 शब्द)

आदर्श उत्तर

बाघ पुनर्प्रवेश के लिए पशु उपलब्ध होने के अलावा उसके जीवित रहने की स्थितियाँ आवश्यक हैं। PIB का बक्सा विवरण शिकार जीवों की वृद्धि और घासभूमि तैयारी बताता है। पहले की कार्यशाला आवास बहाली, संपर्क, संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को संबंधित प्रक्रियाएँ मानती है। ये मिलकर पारिस्थितिक और संस्थागत तैयारी से जुड़ती हैं। [1][2]

अनुकूलनीय प्रबंधन प्रकृति में छोड़ने के बाद जानकारी को आगे के निर्णयों से जोड़ता है। टेलीमेट्री, कैमरा ट्रैप और क्षेत्रीय अवलोकन पूरक निगरानी देते हैं। बक्सा में आगे संख्या बढ़ाना पारिस्थितिक तैयारी और विशेषज्ञ सलाह पर निर्भर है। स्थानीय समितियाँ सहभागिता का माध्यम हैं। [1]

बाघिन को प्रकृति में छोड़ना पूर्ण हस्तक्षेप है। कैमरा ट्रैप अवलोकन और आवाजाही स्थापित करते हैं, लेकिन प्रकृति में छोड़ना या आवाजाही अकेले सक्षम प्रजनन आबादी नहीं सिद्ध करती। तैयारी के आँकड़े भी कार्य बताते हैं, अंतिम पर्याप्तता नहीं। इसलिए मूल्यांकन जीवित रहने की निगरानी और आगे पुनर्बहाली के प्रमाण पर आधारित हो तथा कार्रवाई, जाँची गई स्थितियाँ और दीर्घकालीन परिणाम अलग रखे। [1][2]

महत्वपूर्ण शब्द

  • स्थानांतरण: पशु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना। [1]
  • टेलीमेट्री: प्रसारित संकेतों द्वारा पशु का पता लगाना। [3]
  • अनुकूलनीय प्रबंधन: निगरानी और अनुभव के अनुसार प्रबंधन में बदलाव। [2]

स्रोत एवं तथ्य-जाँच

  1. Union Environment Minister and CM (West Bengal) release 1st Tigress in Buxa Tiger Reserve under Tiger Reintroduction Programme
  2. National Workshop on Tiger Reintroduction: Opportunities & Challenges Concludes in Alwar, Rajasthan
  3. Information Technology in Tracking Wild Animal Movements

UPSC Prelims अभ्यास प्रश्न

इस संपादकीय पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

बक्सा की भू-दृश्य पुनर्बहाली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बक्सा में 2023 में चित्रित बाघ का मानस के एक बाघ से मिलान हुआ। 2. भू-दृश्य का भूटान और असम से पारिस्थितिक संपर्क है। 3. बताई गई संख्या वृद्धि का उद्देश्य पड़ोसी भू-दृश्यों से प्राकृतिक आवाजाही का स्थान लेना है। कौन-से कथन सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A)

कथन 1 और 2 मिलान किए गए पशु और भू-दृश्य संपर्क से समर्थित हैं। कथन 3 गलत है: कार्यक्रम प्राकृतिक पुनर्बहाली का पूरक है, उसका विकल्प नहीं। B और C कथन 3 शामिल करते हैं तथा D त्रुटि के बावजूद सभी कथन शामिल करता है। आवाजाही संपर्क का प्रमाण देती है, लेकिन अकेले स्थानीय प्रजनन आबादी स्थापित नहीं करती। [1]

प्रश्न 2

बक्सा में निम्नलिखित पारिस्थितिक दबावों या प्रवृत्तियों में से कितने PIB के विवरण से समर्थित हैं? 1. स्थानीय बाघ आबादी के लिए आवश्यक स्थितियों को प्रभावित करने वाला आवास विखंडन 2. स्थानीय बाघ आबादी के लिए आवश्यक स्थितियों को प्रभावित करने वाले भूमि उपयोग परिवर्तन 3. ऐतिहासिक पारिस्थितिक गिरावट में योगदान देने वाली शिकार जीवों की उपलब्धता में कमी 4. पुनर्बहाली कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक निगरानी में शिकार जीवों की संख्या में गिरावट की प्रवृत्ति

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी चार
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C)

बिंदु 1–3 समर्थित हैं: PIB आवास विखंडन, भूमि उपयोग परिवर्तन और शिकार जीवों की उपलब्धता में कमी को ऐतिहासिक पारिस्थितिक दबाव बताता है। बिंदु 4 गलत है: पुनर्बहाली प्रयास के दौरान वैज्ञानिक निगरानी ने शिकार जीवों की संख्या में सकारात्मक प्रवृत्ति बताई, गिरावट की प्रवृत्ति नहीं। इसलिए C सही है; A और B समर्थित बिंदु कम गिनते हैं, जबकि D निगरानी की गलत प्रवृत्ति शामिल करता है। ऐतिहासिक शिकार जीवों की कमी और पुनर्बहाली के दौरान बताई गई प्रवृत्ति अलग अवधियों से संबंधित हैं। [1]

प्रश्न 3

बक्सा पुनर्बहाली कार्यक्रम में हस्तक्षेप और उसके सीधे उद्देश्य के इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. चीतल की संख्या बढ़ाना — प्राप्तकर्ता भू-दृश्य में शिकार जीवों की उपलब्धता बढ़ाना 2. घासभूमि बहाली — अलग बाघ भू-दृश्यों के बीच आवाजाही के संपर्क स्थापित करना 3. टेलीमेट्री — प्रकृति में छोड़े गए पशु की आवाजाही का पता लगाना कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

युग्म 1 और 3 शिकार जीवों की वृद्धि तथा पशु की निगरानी को उनके सीधे उद्देश्यों से सही जोड़ते हैं। युग्म 2 आवास बहाली की जगह भू-दृश्य संपर्क रखता है। बहाल घासभूमि भू-दृश्य के भीतर पारिस्थितिक स्थितियों को सहारा देती है; उसकी बहाली अकेले अलग बाघ भू-दृश्यों के बीच संपर्क स्थापित नहीं करती। आवास गुणवत्ता और संपर्क दोनों महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रबंधन के अलग आयाम हैं। A कम गिनता है, C गलत उद्देश्य शामिल करता है और D सही युग्म नकारता है। [1][3]

प्रश्न 4

बाघिन को प्रकृति में छोड़ने के बाद टेलीमेट्री किसी क्षेत्र में उसके बार-बार आने का रिकॉर्ड देती है, जहाँ स्थानीय समितियाँ आजीविका संबंधी चिंताओं और मानव–वन्यजीव संघर्ष की सूचना देती हैं। कौन-सी प्रतिक्रिया कार्यक्रम के सामुदायिक सहभागिता ढाँचे को सबसे अच्छी तरह लागू करती है?

  1. उस क्षेत्र में अतिरिक्त आवास और शिकार जीव संबंधी कार्य को प्राथमिकता दें तथा समिति की सूचनाओं का मुख्य उपयोग बहाली स्थल चुनने में करें
  2. आवाजाही के प्रमाण को समिति संवाद से जोड़कर संघर्ष न्यूनीकरण की जरूरतें तथा संबंधित आजीविका और संरक्षण से जुड़े लाभ पहचानें
  3. संरक्षण से जुड़े आजीविका लाभों को प्राथमिकता दें तथा उनकी प्राप्ति को संघर्ष न्यूनीकरण का मुख्य माप मानें
  4. अतिरिक्त टेलीमेट्री निगरानी को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय आजीविका चिंताओं के आकलन का मुख्य आधार आवाजाही अभिलेख बनाएँ
उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B)

B वैज्ञानिक अवलोकनों को PIB द्वारा बताए समिति कार्यों से जोड़ता है: संवाद, आजीविका अवसर, संघर्ष न्यूनीकरण और संरक्षण से जुड़े लाभ। A पारिस्थितिक कार्य में उपयोगी हो सकता है, लेकिन बताई सहअस्तित्व चिंताओं का सीधा आकलन नहीं करता। C लाभ प्राप्ति को संघर्ष आकलन का विकल्प मानता है। D अधिक आवाजाही जानकारी जुटाता है, लेकिन आजीविका चिंताओं की सीधे जाँच नहीं करता। यह ढाँचे के अनुप्रयोग का काल्पनिक उदाहरण है, बक्सा की बताई घटना नहीं। [1]